अनुसेवियों की बहाली के नाम पर छपरा सदर अंचल के लिपिक ने सौ से अधिक लोगों से लाखों ठगे

छपरा। कलेक्ट्रेट में अनुसेवी पद पर बहाली के लिए सौ से अधिक लोगों से लाखों रुपये ठगी कर ली गई है। ठगी सदर अंचल के एक लिपिक ने की है। ठग लिपिक सैयद नजमी बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ गोप गुट का जिला सचिव भी है।

ठगी का यह मामला डीएम के यहां पहुंचा था। डीएम ने अपने स्तर इसकी जांच कराई। जांच में ठगी का मामला सत्य पाये जाने के बाद ठग कर्मी के खिलाफ टाउन थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। .

प्राथमिकी जिले के इसुआपुर के रहने वाले फैज आलम के बयान पर दर्ज कराई गई है। प्राथमिकी में कहा गया है कि अंचल कर्मी नजमी ने करीब 120 लोगों से कलेक्ट्रेट में होने वाले अनुसेवियों की बहाली के नाम पर ठगी की है। उससे भी उसने 20 लाख रुपये लिये थे। बहाली प्रक्रिया खत्म होने के बाद जब उससे रुपये वापस मांगे गये तो आनाकानी करने लगा। फिर पंचायत बैठी तो उसने जिला पार्षद गीता सागर राम को आठ लाख रुपये का चेक दिया। अभी भी नजमी के पास 12 लाख रुपये हैं जो वह दे नहीं रहा है। .

दर्ज प्राथमिकी में कुछ और लोगों के भी नाम हैं, जिससे कर्मचारी यूनियन के सचिव ने ठगी की है। इनमें अली अहमद, मो. आरीफ फैज आलम, मिन्टू कुमार राम, विपिन कुमार राम, राजेश कुमार, विरेन्द्र राम, शीतलेश कुमार, सुदीस कुमार, जितेन्द्र कुमार राम शामिल हंै। .

प्राथमिकी दर्ज होने के बाद टाउन थाना के सब इंस्पेक्टर विकास कुमार सिंह ने दल-बल के साथ दहियांवा व करीमचक में उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की, लेकिन वह फरार है। इस मामले के सामने आने के बाद कलेक्ट्रेट से लेकर सदर प्रखंड व अंचल कार्यालय में चर्चा का बाजार गरम हो गया है।

जानकारी हो कि नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का यह जिले में पहला ममाला नहीं है। जिले के कई ऐसे ठग गिरोह हैं, जो रेलवे आदि विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर पहले भी ठगी कर चुके हैं।

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