गोपालगंज नए साल में मिलेगी दस नए विद्युत शक्ति केंद्र की सौगात

नए साल में लोगों की बिजली की समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी। जिले के विभिन्न इलाकों में निर्माणाधीन विद्युत शक्ति उपकेंद्र का कार्य जनवरी माह के अंत तक पूर्ण हो जाएगा। इन केंद्रों के निर्माण की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है। इनका निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद ग्रामीण इलाके के लोगों को भी 20 से 22 घंटे बिजली की आपूर्ति की जा सकेगी।
जिले में बिजली लंबे समय से समस्या रही है। तमाम प्रयासों के बाद भी शहरी इलाके तक को 20 घंटे भी बिजली की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। ग्रामीण इलाकों में तो विद्युत की आपूर्ति दस से बारह घंटे के बीच ही अटकी हुई है। हालांकि पिछले चार साल से लगातार प्रयास करने से विद्युत आपूर्ति के घंटे में काफी हद तक सुधार हुआ है। गांवों के विद्युतीकरण के कार्य में तेजी आई है। बावजूद इसके अभी भी कई इलाकों में बिजली एक बड़ी समस्या बनी हुई है। विद्युत आपूर्ति की समय अवधि में सुधार नहीं होने के कारण लोगों का आक्रोश बिजली विभाग के अधिकारियों को झेलना पड़ता है। ऐसे में विद्युत विभाग ने पंडित दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना के तहत दस नए स्थानों पर नए विद्युत शक्ति उपकेंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया। इन केंद्रों के चालू होने से विद्युत आपूर्ति के घंटे में सुधार होने की संभावना बिजली विभाग के अधिकारियों ने व्यक्त किया है। अधिकारियों की मानें तो जनवरी माह के अंत तक इन केंद्रों के प्रारंभ होने से दियारा इलाके के अलावा सुदूर ग्रामीण इलाके के लोगों को अधिक फायदा होगा।

यहां स्थापित होंगे विद्युत शक्ति उपकेंद्र:

विभागीय सूत्रों की मानें तो दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत कुल दस स्थानों पर विद्युत शक्ति उप केंद्र स्थापित किया जाना है। इनमें सिधवलिया प्रखंड के बखरौर, उचकागांव प्रखंड के सांखे खास, हथुआ प्रखंड के सोहागपुर व मिर्जापुर, विजयीपुर प्रखंड के मुसेहरी, कुचायकोट प्रखंड के बलिवन सागर, बैकुंठपुर प्रखंड के गम्हारी, गोपालगंज प्रखंड के जादोपुर दुखहरण, बरौली प्रखंड के चंदन टोला तथा मांझा प्रखंड के मांझा पश्चिमी में नए विद्युत शक्ति उपकेंद्र का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।

आठ से दस लाख की आबादी को होगा फायदा:

दस स्थानों पर नए विद्युत शक्ति उपकेंद्र की स्थापना से कुचायकोट, गोपालगंज, बैकुंठपुर, मांझा, विजयीपुर, उचकागांव, सिधवलिया, हथुआ तथा बरौली प्रखंड की करीब आठ से दस लाख की आबादी को सीधे तौर पर फायदा होगा। केंद्र की स्थापना के बाद संबंधित इलाके में विद्युत आपूर्ति के घंटे में भी सुधार होगा।

अबतक 1405 गांवों का हुआ विद्युतीकरण:

गत वर्ष मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत हर घर में बिजली के तहत जब सर्वेक्षण का कार्य किया गया तो पूरे जिले में 1411 गांव ऐसे मिले, जहां विद्युत की आपूर्ति नहीं होती थी। सर्वेक्षण के बाद इन गांवों में बिजली पहुंचाने के कार्य में गति लाई गई। करीब एक साल के प्रयास के बाद इनमें से 1405 गांवों के विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण कर लिया गया।
दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत दस नए स्थानों पर विद्युत शक्ति उपकेंद्र स्थापित करने की दिशा में कार्य प्रारंभ किया गया है। सभी स्थानों पर कंट्रोल रूम स्थापित कर कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है। जनवरी माह के अंत तक सभी केंद्रों के चालू हो जाने की संभावना है।