इंडोनेशिया में ज्वालामुखी फटने के बाद आई भयंकर सुनामी में मृतक को भारत के सैंड आर्ट द्वारा दी श्रंद्धाजलि।

ब्यूरो रिपोर्ट विकास कुमार:- 
 
इंडोनेशिया के सुनामी लहर से आहत होकर एक भारतीय कलाकार ने रेत पर बालू के एक-एक कणों से अपनी दर्द भरी दुःख बयां की।
 
मोतिहारी/घोड़ासहन (पूर्वी चंपारण) : भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्व.अटल बिहारी बाजपेयी की जयंती अवसर पर मोतिहारी जिले घोड़ासहन में बुधवार को बिजबनी निवासी विश्ववविख्यात रेत कलाकार मधुरेन्द्र ने इंडोनेशिया के सुंडा खाड़ी में शनिवार की रात ज्वालामुखी फटने के बाद आई सुनामी लहरों से मरे हुए मृतकों को अपनी रेत कला के माध्यम से श्रंद्धाजलि दिया हैं। 
 
मधुरेन्द्र ने बताया कि इंडोनेशिया के सुनामी लहरों ने पर्यटक बीच तटवर्ती इलाकों में भयंकर तबाही मचाई हैं, जिसकी 16 फिट लहरों से अब तक 429 लोंगो की मौत और 1800 से ज्यादा लोग घायल हो गयी हैं, जबकि 128 लोग लापता व 16000 लोग बेघर हैं। वहीं प्रभावित इलाकों में सैकड़ों से ज्यादा ईमारतों को नुकसान पहुंचा हैं। 
 
बता दें कि भारतीय कलाकार मधुरेन्द्र इस विदेशी अप्रिय घटना से आहत होकर इंडोनेशिया के सुनामी घटना बालू के एक-एक कणों से रेत के ढ़ेर पर अपनी दर्द भरी दुःख बयां की हैं। 
 
गौरतलब हो कि सैंड आर्टीस्ट मधुरेन्द्र सभी सरकारी महोत्सव, महत्वपूर्ण तिथियां तथा देश-विदेश में हुए प्राकृतिक घटनाएं व सभी प्रकार के ज्वलंत विषयों पर अपनी रेत कलाकृति के माध्यम से समाज को एक नया संदेश देने का कार्य करते रहते हैं। उक्त कलाकृति को देखने के लिए लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ी। 
 
इस दौरान BDO अशोक कुमार, थानाध्यक्ष यूसुफ अंसारी, पूर्व चिकित्सा पदाधिकारी डॉ प्रभु दयाल, डेंटल डॉ कृष्ण मुरारी गुप्ता, डॉ राजदेव प्रसाद, रामपुकार सिन्हा, जिप सिमा जायसवाल, अनिल सिंह, मो इस्लाम, राजेश पटेल, विश्वनाथ पासवान, दिनेश, मोहन, वजीर व धर्मेंद्र ठाकुर सहित वरीय पदाधिकारी, राजनैतिक हस्तियां, प्रबुद्ध नागरिकों तथा सैकड़ों आम लोगों ने भी इंडोनेशिया के प्राकृतिक आपदाओं से मरे हुए लोगों के आत्मा की शांति के लिए मौन धारण की।