बउआ हमरा शर्म आबईछौ भीख मांगें में हम न जैछियों कही भीख मांगे-पीड़िता रामरत्ती देवी*

बउआ हमरा शर्म आबईछौ भीख मांगें में हम न जैछियों कही भीख मांगे-पीड़िता रामरत्ती देवी

रिपोर्टर -धर्मपाल पटेल
पी न्यूज़

वैशाली/बिदूपुर:-बिहार सरकार की सरकारी योजनाओं की पोल खोल रहा है बिदूपुर प्रखंड। आइए हम आज बात कर रहे है वैशाली जिले के बिदूपुर प्रखंड कार्यालय की जहाँ बिहार सरकार की सरकारी योजनाओं पर तो बता दें कि जो भी उनकी योजनाए है वो जमीन पर नही पहुँचती हैं यहाँ के छोड़ बड़े अधिकारी व पदाधिकारी सिर्फ कागजों पर ही खानापूर्ति कर रहे है। मिली जानकारी के मुताबिक बताया गया कि बिदूपुर प्रखंड के मजलिसपुर पंचायत अंतर्गत गोकुला गांव में 83 वर्षिय विधवा महिला दम घुट घुट कर जीने को मजबूर है। वही उनकी पदाधिकारी तो दूर पंचायत प्रतिनिधि तक नही जाती हैं उन महिला के पास जिनसे वो अपनी एक वोट से प्रतिनिधि को प्रतिनिधित्व किया है। उस विधवा महिला पर क्या बीत रहा है वो विधायक,मंत्री,सांसद या बिहार सरकार के विभागीय अधिकारियों क्या जाने जो ग़रीब आम आदमियों की टैक्स की रूपया से पेट पाल रहे है ख़ैर ये सब बातों को छोड़िए बात करते है मुद्दे की। बिदूपुर प्रखंड के मजलिसपुर गोकुला गांव निवासी राम देखावन सिंह की 83 वर्सिये पत्नी रामरर्ति देवी जिन्दगी जीनें को मजबूर हैं। वो अकेली महिला एक अँधेरी छोटी सी झुगी-झोपड़ी में दिन काट रही हैं उसके पास न किसी तरह की साधन है। पिछले 50 वर्ष से विधवा इनको पुत्र नही 3 बिटियां थी सभी की शादी अपनी हैसियत के अनुसार कर दी। आज महिला दो वक्त की रोटी के लिए पूरे दिन केला के बागानों में घूम कर केले के पेड़ का छिलका इकठ्ठा कर उसकी चटाई बनाती है वह चटाई सिर्फ एक रुपया में ही बिकता है। प्रत्येक दिन 12 से 15 चटाई तैयार कर लेती हैं सौ चटाई तैयार होने पर कही जाकर सौ रुपया में बेच आती है। आज ये महिला कुछ दिनों से बीमार है लेकिन इनको कोई देखने वाला नही है। विधवा ने सभी पंचायत प्रतिनिधियों औऱ कई विभागों के अधिकारियों की गुहार तो लगा थक बैठी। वृद्ध महिला को विधवा पेंशन,वृद्धा पेंशन ना ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिया गया है। महिला बिहार सरकार की सभी योजनाओं से बंचित हैं। बात करने के दौरान महिला ने बड़े भावुकता से बताया कि बउआ हमरा शर्म आबईछौ भीख मांगें में हम न जैछियों कही भीख मांगे। उन्होंने बताया कि हमें 3 साल पहले वृद्धा पेंशन मिलता था। अब वो भी नही मिल रहा हैं। महिला लॉज के भीख तक नही माँगती है।

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