भगवान महावीर की जयंती के अवसर पर जैन धर्म समाज के लोगों द्वारा शहर में शोभा यात्रा निकाला गया

भगवान महावीर जैन धर्म के चौबीसवें तिरंथकर थे जो अहिंसा के प्रतीकमान थे उनका सम्पूर्ण जीवन ही संदेश है उन्होंने जिओ और जीनेदो, का सिद्धांत दिया तथा पांच महाव्रत का भी सन्देश दिया और लोगों को दया, करुणा और प्रेम के साथ जीने की सलाह दी !बाद में जैन दो समुदाय में बंट गया एक स्वेतांबर तथा दूसरा दिगम्बर जैन धर्म के अनुयायी प्रमुख राजा बिम्बिसार, कुनिक और चेटक थे जैन समाज द्वारा मनाए जाने वाले इस त्योहार को महावीर जयंती के साथ साथ महावीर जन्म कल्याणक नाम से भी जानते है!Attachments area