एक तरफ पर्यावरण को लेकर बहस्बाजी तो दुसरी ओर धड़ल्ले से काटी जा रही पेड़।

रिपोर्टर -धर्मपाल पटेल
पी न्यूज़

वन विभाग के रेंजर को नहीं है सूचना।

सैंकड़ो पेड़ को कर दिया गया धाराशायी।

वैशाली/बिदूपुर-:एक तरफ जहा वैश्रि्वक मंच पर पर्यावरण को लेकर बहस जारी है और शीर्ष नेतृत्व चिंता में शामिल हो रहे हैं। वहीं नियम कायदों को ताक पर रख कर हाजीपुर महनार मार्ग स्थित बिदूपुर प्रखंड मुख्यालय के बिदूपुर बाज़ार से सटे गाँधी चौक से बिदूपुर रेलवे स्टेशन जाने वाले मार्ग के दोनों अपोज में लगे सैंकड़ो आम व जंगली पेड़ को धड़ल्ले से काटा जा रहा है। वही तकरीबन करोड़ों रुपए की लागत से निर्माणाधीन सड़क के बीच पड़ने वाले सैंकड़ो पेड़ों की कटाई धड़ल्ले से जारी है। वह भी वन विभाग के अधिकारियों से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त किये बगैर। हरे भरे पेड़ों की कटाई से संबंधित नियम कायदों से अभिकर्ता ने सरोकार नहीं रखते हुए बिदूपुर गाँधी चौक से रेलवे स्टेशन जाने वाले निर्माणाधीन उक्त कच्ची सड़क के बीच पड़ने वाले हरे भरे पेड़ों की कटाई के लिए मजदूर लगा तकरीबन सैंकड़ो पेड़ को धराशायी कर दिया गया है। वही कई दर्जनों की संख्या में पेड़ काट रहे मजदूरों ने बताया कि ठीकेदार साहब ने बोले हैं काटने के लिए। वही राशि विमुक्त करने वाले मनरेगा कार्यालय को पेड़ों के कटाई का भान नहीं और पेड़ों की कटाई का निर्धारण कर अनुमति देने वाले वन विभाग के रेंजर को सूचना तक नहीं दी गयी। इस संबंध में बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त किये पेड़ों की कटाई नियम से परे है। पेड़ों की कटाई के लिए उनके द्वारा वन विभाग से अनुमति नहीं ली गयी है।जबकि जिलाधिकारी राकेश कुमार ने पूछने पर बताया कि सड़क निर्माण के दौरान पड़ने वाले पेड़ों की कटाई को लेकर उन्हें सूचना प्राप्त है। कही से अनुमति नही ली गयी है। वहीं हरे भरे पेड़ों की अवैधानिक रूप से कटाई कर पर्यावरण व सरकार को भारी क्षति पहुंचाई जा रही है। उन्होंने बताया कि वन विभाग को आदेश दिया गया हैं मामलें की जांच कर जो लोग दोषी पाए जाएंगे उन पर कार्रवाई की जाएगी।