सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान 07 जनवरी से शुरू।

सुलतानपुर
चिकित्सीय टीम विकास खण्ड लम्भुआ एवं पी0पी0 कमैचा में घर-घर पहुँच कर क्षय रोगी (टी0बी0) मरीजों की पहचान करेगी। मुख्य विकास अधिकारी राधेश्याम कल सायं कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सक्रिय क्षय रोग (टी0बी0) खोज अभियान 2018 की समीक्षा बैठक कर रहे थे।
समीक्षा बैठक में जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ0 अमिताष मिश्र ने बताया कि दोनों विकास खण्डों में निर्धारित समय सीमा में घर-घर पहुँच कर क्षय रोगियों की खोज कर मुख्यालय को रिपोर्ट भेजने के साथ-साथ तत्काल उनका इलाज शुरू किया जायेगा। उन्होंने बताया कि क्षय रोग (टी0बी0) माईकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस नामक जीवाणु संक्रमण के कारण होता है। यह रोग मुख्यतया फेफड़ों में होता है, परन्तु यह रोग शरीर के अन्य अंगो जैसे दिमाग, हड्डियों, आँत आदि में भी होता है। क्षय रोग कैसे फैलता टी0बी0 के रोगी द्वारा खासने या छीकने पर रोगी द्वारा इधर-उधर खुली जगह पर बलगम थूकने पर रोगी के रूमाल ओढ़ने, विछाने की चादर, तौलिए आदि के प्रयोग से, यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक खांसी आ रही हो, तो टी0बी0 की जाँच करवानी चाहिए। उन्होंने बताया कि क्षय रोगी का पूर्ण उपचार सम्भव है जो 6 माह से 9 माह तक इलाज के बाद ठीक हो सकता है। इसलिए आवश्यक है कि चिकित्सक द्वारा निर्धारित दवायें पूरी अवधि तक अवश्य लें। बैठक का संचालन जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ0 अमिताष मिश्र ने किया।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) संयुक्त मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी सदर प्रणय सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 आनन्द किशोर, सी0एम0एस0 महिला डॉ0 उर्मिला चौधरी, प्रभारी सी0एम0एस0, डी0सी0पी0एम0 संतोष कुमार आदि सम्बन्धित उपस्थित थे
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