सुकर्मा और शुक्ल योग में होगा नूतन वर्ष 2019 का आगमन, नए साल में बिहार के तरक्की का आसार

वर्ष 2018 की विदाई का समय नजदीक आ गया है। नए वर्ष 2019 के स्वागत की तैयारियां चरम पर है I नववर्ष 2019 को लेकर हर किसी के मन में ढेर सारी आशाएं और सपने हैं। नया साल कैसा रहेगा हम सब के लिए। ज्योतिषी पंडित राकेश झा ने बताया कि इस बार सुकर्मा और शुक्ल योग के संयोग में नववर्ष 2018 की शुरुआत होगी। यह योग व्यापार में वृद्धि व लोगों को सुख-समृद्धि प्रदान करने वाला होगा। खास बात यह है कि काफी सालों के बाद ही वर्ष के पहले दिन मंगलवार आ रहा है। 27 योगों में शुक्ल योग 24 वें क्रम पर आता है। ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के आधार पर यह योग बन रहा है जो 1 जनवरी को रहेगा। शुक्ल योग की स्वामी माता पार्वती है। इस दिन मंगलवार होने से यह हनुमान का दिन रहेगा। और इस दिन स्वाति नक्षत्र भी रहेगा।

कर्मकांड विशेषज्ञ पंडित राकेश झा शास्त्री ने पंचागों के हवाले से बताया कि वर्ष 2019 व हिन्दू कैलेंडर के हिसाब से विक्रम संवत 2076 (परिधावी संवत्सर) के राजा शनि हैं जबकि मंत्री सूर्य। दुर्गेश भी शनि हैं जबकि धनेश मंगल हैं। पंडित झा के मुताबिक नए साल में गुरु 10 अप्रैल को वक्री होंगे और 11 अगस्त को मार्गी होंगे । इसी प्रकार शनि 30 अप्रैल को वक्री और 18 सितंबर को मार्गी होंगे l बुध 5 मार्च को वक्री होंगे। पूरे साल में बुध तीन बार वक्री होंगे और तीन बार मार्गी होंगे।

सुकर्मा और शुक्ल योग में नए वर्ष का आगमन

पंडित राकेश झा शास्त्री के अनुसार नव वर्ष की शुरुआत सुकर्मा और शुक्ल योग में हो रही है। शुक्र और चंद्रमा को एक साथ रहने से जैमिनी योग बन रहा है वहीं सभी ग्रहों का चार स्थानों पर रहने से केदार योग का संयोग बन रहा है। इसके साथ ही वर्ष 2019 में मंगलवार का विशेष संयोग बन रहा है। नए वर्ष की शुरुआत मंगलवार से हो रही है। वहीं नए वर्ष का समापन भी मंगलवार को होगा। उन्होंने आगे बताया कि साल 2018 के पहले दिन दो शुभ योग सुकर्म और लक्ष्मी बनेंगे। इस दिन धनु राशि का सूर्य व तुला राशि का चंद्रमा होने से सुकर्म योग बनेगा, वहीं चंद्रमा पर मंगल की आठवी दृष्टि होने से लक्ष्मी योग बन रहा है। इन शुभ योगों से नए साल में धन लाभ, बिजनेस में तरक्की आदि शुभ काम होंगे।

नए वर्ष में हर क्षेत्र में बिहार की प्रगति होगी

ज्योतिषी राकेश झा के अनुसार नये वर्ष में बिहार में सत्ता के भागीदारों के बीच वैचारिक मतभेद उभरेंगे। लेकिन गुरु के सप्तम भाव में रहने से ये मतभेद सुलझ जाएंगे। वहीं रियल इस्टेट के बिजनेस में काफी उछाल आयेगा। लोकतांत्रिक प्रणालियों में सुधार होगा। बिहार में खनन(बालू), कला, मनोरंजन के क्षेत्र में काफी प्रगति होगी। बिहार की छवि और बेहतर होगी। हर क्षेत्र में बिहार के लिए बेहतर दिख रहा है।

कई राशियों का होगा स्थान परिवर्तन

ज्योतिषी झा के अनुसार नए वर्ष में कई ग्रहों का राशि परिवर्तन होगा। शनि का राशि परिवर्तन 30 साल बाद धनु में होगा। शनि इससे पहले 18 दिसंबर 1987 को धनु राशि में थे अगली बार 8 दिसंबर 2046 को धनु राशि में आएंगे। बृहस्पति ग्रह वृश्चिक राशि से धनु में 29 मार्च को प्रवेश करेंगे। राहु का गोचर परिवर्तन कर्क से मिथुन राशि में 7 मार्च को होगा और केतु धनु में प्रवेश करेंगे। शनि के 1 मई 2019 तक मार्गी रहने से एवं सीधी चाल रहने से कई राशियों को फायदा मिलेगा। गुरु का स्थान परिवर्तन होने से देश की स्थिति काफी मजबूत होगी।

नए साल में चौदह साल बाद लगेगा पांच ग्रहण

पंडित झा ने पंचांगों के हवाले से बताया कि पुरे चौदह वर्ष के बाद नूतन वर्ष में कुल पांच ग्रहण लगेगा । 5 जनवरी 2019 दिन शनिवार को पहला सूर्यग्रहण है। वहीं दूसरा सूर्य ग्रहण 2 जुलाई को है। यह दोनों ही सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देंगे तथा तीसरा सूर्य ग्रहण 26 दिसंबर को लगेगा जो भारत में दिखेगा। नए साल में पहला चंद्र ग्रहण 21 जनवरी को लगेगा। दूसरा चंद्र ग्रहण 16 जुलाई को लगेगा यह भारत में भी दिखेगा।

राशि के अनुसार ऐसा रहेगा नया वर्ष:-

मेष: आर्थिक लाभ, पदोन्नति, प्रसन्नता व लाभ

वृष: संपति में बढ़ोतरी,व्यवसाय नमे उन्नति

मिथुन: मांगलिक कार्य, स्थिति अनुकूल

कर्क: आर्थिक राहत, प्रॉपर्टी से लाभ, मांगलिक कार्य

सिंह: प्रतिष्ठा में वृद्धि, धनागमन

कन्या: मांगलिक कार्य, परेशानियों से राहत

तुला: नवीन कार्य प्रारंभ, धार्मिक कार्यो में रूचि

वृश्चिक: नए कारोबार की शुरुआत, लक्ष्य पूर्ति

धनु: स्थान परिवर्तन, अनुकूल स्थिति

मकर: शुभ कार्य होंगे, आर्थिक उन्नति, संतान पक्ष से लाभ

कुंभ: मनोरथ पूरे होंगे. शुभ कार्य, पदोन्नति

मीन: आय में बढ़ोतरी, उन्नति