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दोस्त बनाने में आती है दिक्कत? जानें 4 साइकोलॉजिकल वजहें जो आपको रखती हैं अकेला; कैसे बढ़ाएं अपना सोशल सर्कल? बर्फ में दबे जवानों को मिनटों में खोजेगी स्मार्ट वर्दी, कानपुर के UPTTI में शुरू हुआ हाईटेक प्रोजेक्ट ‘मम्मी तुम कहती थी न मर जा… तो लो मैं मर गया’, 22 साल के फोटोग्राफर ने 42 साल की भाभी के प्यार में लगा ली फांसी 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में ‘श्रीकांत’ का परचम, शरद केलकर बोले- अवॉर्ड्स के लिए नहीं बनाई थी फिल्म | Exclusive अल्जारी जोसेफ ने अब विंडीज हेड कोच डैरेन सैमी के बयान का दिया करारा जवाब, कहा – मैं उनका प्रतिनिधित्व नहीं कर रहा गुजरात में आज भारी बारिश का रेड अलर्ट, महाराष्ट्र से लेकर असम तक झमाझम बरसेंगे बादल; चलेगी तेज हवाएं

दोस्त बनाने में आती है दिक्कत? जानें 4 साइकोलॉजिकल वजहें जो आपको रखती हैं अकेला; कैसे बढ़ाएं अपना सोशल सर्कल?

क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि किसी पार्टी या ऑफिस गेट-टुगेदर में आप एक कोने में खड़े होकर सिर्फ अपना फोन स्क्रॉल करते रहते हैं? जब भी आप किसी नए इंसान से बातचीत शुरू करने की सोचते हैं, तो दिल की धड़कनें तेज हो जाती हैं? या फिर

दोस्त बनाने में आती है दिक्कत? जानें 4 साइकोलॉजिकल वजहें जो आपको रखती हैं अकेला; कैसे बढ़ाएं अपना सोशल सर्कल?

क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि किसी पार्टी या ऑफिस गेट-टुगेदर में आप एक कोने में खड़े होकर सिर्फ अपना फोन स्क्रॉल करते रहते हैं? जब भी आप किसी नए इंसान से बातचीत शुरू करने की सोचते हैं, तो दिल की धड़कनें तेज हो जाती हैं? या फिर लाख चाहकर भी आपका फ्रेंड सर्कल ‘एक या दो’ से आगे बढ़ ही नहीं पाता? यकीन मानिए, आप अकेले नहीं हैं. अक्सर हम दोस्त न बना पाने के लिए खुद को कोसते हैं, अपनी किस्मत को दोष देते हैं या फिर खुद को ‘बोरिंग’ मान लेते हैं. लेकिन मनोविज्ञान (Psychology) कुछ और ही कहता है. साइकोलॉजी टुडे के मुताबिक, लोगों से न घुल-मिल पाने के पीछे आपकी कोई कमी नहीं, बल्कि कुछ गहरे साइकोलॉजिकल रीज़न्स होते हैं, जिन्हें हम अक्सर समझ ही नहीं

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