दो नाबालिग के साथ 6 युवकों ने किया सामूहिक दुष्कर्म, 3 भेजे गए जेल, 3 बाल सुधार गृह

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दो नाबालिग के साथ 6 युवकों ने किया सामूहिक दुष्कर्म, 3 भेजे गए जेल, 3 बाल सुधार गृह

झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी थाना क्षेत्र के दूधबिला गांव में दो नाबालिग लड़कियों के साथ 6 युवकों के द्वारा दो दिनों तक सामूहिक बलात्कार किए जाने का मामला प्रकाश में आया है. इस घटना में लिप्त सभी आरोपियों को पुलिस ने ग्रामीण मुंडा और ग्रामीणों की मदद से पकड़ लिया है. इसमें तीन आरोपी नाबालिग है. गिरफ्तार होने वालों में बालजोड़ी गांव निवासी मछुआ केराई दूधबिला गांव का जर्मन केराई और पदापहाड़ गांव का सुनील पूर्ति और तीन नाबालिग शामिल है. जानकारी के अनुसार 29 सितंबर की शाम दोनों नाबालिग लड़कियां नोवामुंडी से मजदूरी कर घर वापस लौट रही थी.

इसी दौरान बालजोड़ी गांव के मछुआ केराई से दोनों नाबालिग लड़कियों की रास्ते में मुलाकात हो गई. मछुआ ने दोनों को बाइक से घर तक छोड़ने की बात कही. दोनों लड़कियां मछुआ की मंशा को समझे बिना मोटरसाइकिल पर बैठ गई. उन्हें घर तक छोड़ने के बहाने पेट्रोल भरने की बात कह कर दूधबिला जंगल की ओर ले गया. मछुआ ने अलग-अलग गांव से अपने पांच साथियों को भी बुला लिया. उसके बाद सभी ने दोनों नाबालिग लड़कियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया. दोनों नाबालिग को साथ लेकर सभी आरोपी दो दिनों तक इधर-उधर घूमते रहे। दो दिन बीत जाने के बाद तीसरे दिन आरोपियों ने दोनों नाबालिग को रविवार को घर भेज दिया. परिजनों ने जब दो दिन बाहर रहने के बारे में पूछा तो हकीकत सामने आ गया.

परिजनों ने पूरे मामले की जानकारी गांव के मुंडा को दी. मुंडा ने गांव में बैठक की. नाबालिग लड़की ने मछुआ केराई से दूरभाष पर संपर्क कर बैठक में बुलाया. वहां पहले से लोग तैयार थे. मछुआ के आते ही वहां मौजूद लोगों ने उसे पकड़ लिया. युवक ने खुद को फंसते हुए देखा तो सभी संलिप्त युवकों को वहां बुला लिया. इस तरह घटना के सभी आरोपी मुंडा के द्वारा बिछाए गए जाल में एक-एक कर फंसते चले गये.

ग्रामीणों ने सभी आरोपियों को पकड़कर नोवामुंडी पुलिस के हवाले कर दिया. पुलिस द्वारा पूछताछ किए जाने पर सभी आरोपियों ने दोष स्वीकार किया है. पुलिस ने दोनों नाबालिग का आज सदर अस्पताल में मेडिकल जांच कराया. सदर अस्पताल में ही आरोपियों का भी मेडिकल कराया गया और इसके बाद अदालत में प्रस्तुत किया गया. जहां से आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. जबकि तीन को बाल सुधार गृह भेजा गया है.

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