पटना सिविल कोर्ट में चार आरडीएक्स होने की सूचना पर शुक्रवार को हड़कंप मच गया. कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी का भरा मेल गुरुवार की रात साढ़े दस बजे के करीब मिला. शुक्रवार की सुबह जब कोर्ट परिसर में पहुंचे तो मेल देख दंग रह गये. धमकी भरा मेल की जानकारी मिलते ही मौके पर बम निरोधक दस्ता, स्पेशल फोर्स के साथ-साथ पटना पुलिस की टीम ने पांच घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया.
कोर्ट में ही तैनात है पुलिस की एक टीम
सेंट्रल एसपी दीक्षा ने बताया कि सर्च ऑपरेशन चलाया गया है और एक टीम को कोर्ट में ही तैनात किया गया है. फिलहाल ऐसी कोई भी संदिग्ध वस्तु या बारूद परिसर से नहीं मिला है. मेल की जांच के लिए टेक्निकल सपोर्ट के लिए इओयू से मदद ली जा रही है.
आज दिनांक 29.08.25 को ई-मेल के माध्यम से #पीरबहोर थानान्तर्गत सिविल कोर्ट परिसर को उड़ाने संबंधी धमकी प्राप्त हुई है।
सूचना मिलते ही पुलिस द्वारा तत्परता दिखाते हुए बम निरोधक दस्ता एवं डॉग स्क्वाड टीम की मदद से जांच की जा रही है।
कोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ाते हुए अग्रतर विधि… pic.twitter.com/HWY07dcuau
— Patna Police (@PatnaPolice24x7) August 29, 2025
क्या है बम की धमकी का पूरा मामला?
दरअसल शुक्रवार को कोर्ट का काम शुरू होने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश के कार्यालय के इमेल आइडी पर एक मेल मिला है, जिसमें कहा गया था कि न्यायाधीश कक्ष एवं सिविल कोर्ट परिसर में आरडीएक्स सफलतापूर्वक रख दिया गया है. इमेल में यह भी कहा गया था कि बिहारी मजदूरों को तमिलनाडु में भेजना बंद करो. बिहार से तमिलनाडु आने वाले प्रवासी मजदूरों की संख्या बढ़ने से तमिलनाडु की स्थानीय जनसंख्या की संरचना प्रभावित हो रही है. साथ ही यह भी कहा गया है कि इस योजना को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के सहयोग से अंजाम दिया गया है.
बार-बार धमकी मिलने के बाद भी अबतक गिरफ्तारी नहीं
वकील सुशील रंजन ने बताया कि गुरुवार की रात को मेल आया था. शुक्रवार को जांच हो रही है. पूरी तरह से लापरवाही का मामला है. लगातार यह दूसरी बार धमकी आयी है. इससे पहले भी धमकी आयी थी. जानकारी जिस वक्त दी गयी, उस वक्त हम लोग काम कर रहे थे. इसी बीच यह सूचना दी गयी. इससे पहले भी जो धमकी दी गयी, लेकिन अबतक उस मामले में भी गिरफ्तारी नहीं हुई. वहीं अन्य वकीलों ने कहा कि इससे काम पूरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं. आज भी कोई काम नहीं हुआ. सारे काम ठप पड़ गए हैं. पिछली बार भी धमकी मिली तो इसका कोई निष्कर्ष अभी तक नहीं निकला.
