नरकटियागंज रेलखंड पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया. चंपारण हमसफर एक्सप्रेस वाल्मीकि रोड और पनियहवा स्टेशन के बीच मदनपुर इलाके में एक जंगली भैंसे से टकरा गई. इस घटना के बाद रेलखंड पर करीब तीन घंटे तक परिचालन पूरी तरह ठप रहा. हालांकि लोको पायलट ने समय पर इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन में सवार सैकड़ों यात्रियों की जान बचा ली.
जानकारी के मुताबिक चंपारण हमसफर एक्सप्रेस जैसे ही मदनपुर के पास पहुंची, अचानक रेलवे ट्रैक पर एक जंगली भैंसा आ गया. तेज रफ्तार में चल रही ट्रेन भैंसे से टकरा गई. जिससे जोरदार झटका लगा. टक्कर होते ही लोको पायलट ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगा दिया. इससे ट्रेन रुक गई और बड़ा हादसा होने से बच गया. अगर समय पर ब्रेक नहीं लगता, तो ट्रेन पटरी से उतर सकती थी.
अफरा-तफरी का माहौल
घटना के बाद ट्रेन में सवार यात्रियों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई. लोग डर के मारे अपनी सीटों से उठ खड़े हुए. हालांकि रेलवे कर्मचारियों ने यात्रियों को शांत कराया और स्थिति को नियंत्रण में लिया. टक्कर में जंगली भैंसे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ट्रेन के इंजन को थोड़ी नुकसान पहुंचने की सूचना है.
घटना के बाद ट्रेन में सवार यात्रियों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई. लोग डर के मारे अपनी सीटों से उठ खड़े हुए. हालांकि रेलवे कर्मचारियों ने यात्रियों को शांत कराया और स्थिति को नियंत्रण में लिया. टक्कर में जंगली भैंसे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ट्रेन के इंजन को थोड़ी नुकसान पहुंचने की सूचना है.
हादसे के कारण गोरखपुर–नरकटियागंज रेलखंड पर करीब तीन घंटे तक ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहा. इस दौरान कई यात्री ट्रेनें रास्ते में ही रोक दी गईं. सूचना मिलने पर रेलवे के अधिकारी और तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और ट्रैक की जांच की गई. भैंसे के शव को हटाने और इंजन की जांच के बाद परिचालन को धीरे-धीरे बहाल किया गया.
इस घटना ने एक बार फिर वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से सटे इलाकों में रेल सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में अक्सर जंगली जानवर रेलवे ट्रैक पर आ जाते हैं. ऐसे में रेलवे प्रशासन से मांग की जा रही है कि ट्रैक के किनारे मजबूत बाड़ और चेतावनी व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके.








