पटना अब सिर्फ ऐतिहासिक शहर नहीं, बल्कि तेज रफ्तार और आधुनिक कनेक्टिविटी का नया केंद्र बनने की ओर बढ़ रहा है. गंगा नदी के दोनों किनारों पर मरीन ड्राइव और रिंग रोड के रूप में विकसित हो रहे गंगा पथ से राजधानी और आसपास के जिलों की तस्वीर बदलने वाली है.
बढ़ती आबादी और बेकाबू ट्रैफिक के दबाव के बीच बिहार सरकार ने गंगा के उत्तरी किनारे दिघवारा से सोनपुर होते हुए बिदुपुर तक नए गंगा पथ के निर्माण का बड़ा फैसला लिया है. यह परियोजना पटना के ट्रैफिक संकट का दीर्घकालिक समाधान मानी जा रही है.
गंगा नदी के उत्तरी तट पर प्रस्तावित गंगा पथ की कुल लंबाई करीब 46 किलोमीटर होगी. यह पथ दिघवारा से शुरू होकर परमानंदपुर, सोनपुर होते हुए बिदुपुर तक जाएगा. फिलहाल इस परियोजना का डीपीआर तैयार किया जाएगा, जिसमें यह तय होगा कि सड़क का कौन-सा हिस्सा एलिवेटेड होगा और कहां यह बांध के किनारे जमीन पर बनेगा. इस गंगा पथ के निर्माण से उत्तर बिहार के कई इलाकों को पटना से सीधी और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी.
गंगा के दक्षिणी किनारे जेपी सेतु से कच्ची दरगाह तक 20.5 किलोमीटर लंबे गंगा पथ पर पहले से ही वाहन फर्राटा भर रहे हैं. करीब 3831 करोड़ रुपये की लागत से बने इस पथ ने पटना शहर के भीतर आवागमन को काफी आसान बना दिया है. कच्ची दरगाह से दीघा सेतु तक का सफर अब महज 15 मिनट में पूरा हो रहा है, जो पहले घंटों में तय होता था.
गंगा पथ का विस्तार दीघा सेतु से शेरपुर होते हुए कोईलवर पुल तक किया जा रहा है. 36 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर 6496 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसके वर्ष 2030 तक पूरा होने की संभावना है.
एजेंसी को काम आवंटित किया जा चुका है. इसके साथ ही शेरपुर से दिघवारा के बीच छह लेन गंगा ब्रिज का भी निर्माण प्रस्तावित है, जिसकी लागत करीब 3012 करोड़ रुपये आंकी गई है.
इस पूरे प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि गंगा के उत्तर और दक्षिण किनारे चार बड़े पुलों के जरिए आपस में जुड़ जाएंगे. जेपी सेतु, दीघा सेतु, महात्मा गांधी सेतु और कच्ची दरगाह–बिदुपुर पुल मिलकर एक मजबूत रिंग रोड नेटवर्क तैयार करेंगे. इससे पटना, सारण और वैशाली जिलों के बीच दूरी काफी कम हो जाएगी और उत्तर-दक्षिण बिहार का संपर्क और मजबूत होगा.
पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल के मुताबिक गंगा के दोनों किनारों पर मरीन ड्राइव बनने से पटना का शहरी विस्तार तेज होगा. सोनपुर, हाजीपुर, शीतलपुर, दिघवारा और बिदुपुर जैसे इलाके मिनटों में पटना से जुड़ जाएंगे. आरा, सीवान, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर के लोगों को भी इसका सीधा फायदा मिलेगा. बेहतर कनेक्टिविटी के साथ पर्यटन, रियल एस्टेट और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.








