देवदत्त पडिक्कल ने किया अपने मौके का इंतजार, बैटिंग कोच ने बताया COE में उन्होंने अपने गेम पर की काफी मेहनत

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भारत और श्रीलंका के बीच में दो मैचों की टेस्ट सीरीज का आगाज गॉल में 15 अगस्त से खेले जा रहे पहले मुकाबले के साथ हो गया है। टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल ने इस मैच में टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया जिसे दिन का खेल खत्म होने पर देवदत्त पडिक्कल और केएल राहुल पूरी तरह से सही साबित करने में कामयाब रहे। राहुल जहां पहले दिन के खेल में 77 रन बनाकर खिंचाव की समस्या के चलते रिटायर्ड हर्ट हो गए तो वहीं पडिक्कल दिन के आखिर तक खेलने के साथ 131 रन बनाकर नाबाद थे। नंबर-3 की पोजीशन को लेकर पिछले काफी समय से टीम इंडिया लगातार परेशान चल रही थी, जिसमें अब पडिक्कल ने इस पोजीशन पर मिले मौके को पूरी तरह से भुनाया है जिनको साई सुदर्शन के चोटिल होकर बाहर हो जाने के बाद प्लेइंग 11 में शामिल किया गया। वहीं टीम इंडिया के बल्लेबाजी कोच ने सितांशु कोटक ने भी पडिक्कल की तारीफ करते हुए बताया कि उन्होंने अपने बैकफुट गेम और स्वीप शॉट पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में काफी काम किया है।

पडिक्कल ने अपने मौके का किया इंतजार

देवदत्त पडिक्कल को लेकर गॉल टेस्ट मैच के पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए टीम इंडिया के बल्लेबाजी कोच ने पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि मैं उसके लिए बहुत खुश हूं क्योंकि वह सही में अपने मौके का इंतजार कर रहा था। मैंने उसे बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अभ्यास करते हुए देखा था जहां वह अपने बैकफुट गेम पर काम कर रहा था और इसलिए पिछले कुछ सालों में उसने जिस तरह खुद को तैयार किया है, उसका उसे काफी श्रेय जाता है। हालांकि मैं अभी ये देखना चाहता हूं कि पडिक्कल खुद को आगे आने वाले हालात में किस तरह से ढालते हैं क्योंकि मेरे लिए नंबर-3 लेकर नंबर-5 काफी अहम है।

अभी हमें दूसरे दिन भी काफी अच्छी बल्लेबाजी करनी होगी

गॉल टेस्ट मैच की पिच को लेकर सभी ने उम्मीद जताई थी कि इसमें पहले दिन से स्पिन गेंदबाजों का दबदबा देखने को मिलेगा, लेकिन ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिला। वहीं टीम इंडिया के बल्लेबाजी कोच ने पिच को लेकर कहा कि यह थोड़ी सूखी हुई है लेकिन बल्लेबाजी के लिए काफी अच्छा विकेट है। अभी हमें इस पिच पर काफी लंबा रास्ता तय करना है, जिसमें मुझे लगता है कि खेल आगे बढ़ने के साथ पिच से स्पिनरों को अधिक मदद मिलते हुए देखने तो मिलेगी। यहां पर पहले दिन बल्लेबाज का औसत करीब 53 का तो वहीं दूसरे दिन यह घटकर 38 का हो जाता है जबकि तीसरे दिन 28 के करीब पहुंच जाता है। ऐसे में हमारे लिए दूसरे दिन के खेल में भी बेहतर बल्लेबाजी करना काफी अहम रहने वाला है।

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