उन्नाव: देश में एक्सप्रेसवे का निर्माण वाहनों की आवाजाही के लिए किया गया है न कि घोड़ों के दौड़ने के लिए। लेकिन लखनऊ-एक्सप्रेस वे पर एक ऐसा ही दृश्य देखने को मिला। 4700 करोड़ से तैयार किये गये 63 किलोमीटर लम्बे 6 लेन लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे पर अचानक एक घोड़ा आ गया। इससे सुरक्षा इंतजामो को लेकर सवाल उठने लगे हैं। एक्सप्रेसवे पर से घोड़े को हटाने में NHAI पेट्रोलिंग टीम के पसीने छूट गए। इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
वाहनों के बीच घोड़े के आने से मची अफरा-तफरी
दरअसल, रविवार को एक घोड़ा उन्नाव के आसपास एक्सप्रेसवे पर चढ़ा गया और कई किलोमीटर तक दौड़ता रहा। हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों के बीच अचानक घोड़े के सामने आने से अफरातफरी मच गई। वहीं तेज रफ्तार से भाग रही कारों की गति हाइवे पर दौड़ रहे घोड़े को देख कर धीमी पड़ गई। इस एक्सप्रेस वे पर तेज कारों की जगह घोड़े भी दौड़ते देख सभी को हैरत हुई। किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनने लगी।
पेट्रोलिंग टीम के छूटे पसीने
इस बीच भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की पेट्रोलिंग टीम ने घोड़े देख कर उसका पीछा करना शुरू कर दिया। पेट्रोलिंग टीम कर्मी डंडे से उसे भगाने का प्रयास करते नजर आए। वहीं NHAI के कर्मचारियों को पीछा करता देख घोड़ा और तेजी से हाईवे पर दौड़ने लगा। पेट्रोलिंग टीम करीब सात से आठ किलोमीटर तक घोड़े का पीछा करने के बाद उस घोड़े को लालगंज बाइपास से दो किलोमीटर पहले एक्सप्रेसवे से नीचे उतारने में सफल रही। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
NHAI की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
गनीमत रही कि इस दौरान हाईवे पर कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। हालांकि,हाईवे पर दौड़ रहे घोड़े और पेट्रोलिंग टीम का वीडियो सोशल मिडिया पर आने के बाद यूजर्स अब NHAI की सुरक्षा व्यवस्था पर तमाम सवाल उठा रहे हैं। वहीं उद्घाटन के 13 दिन में हाईवे की सड़क धंसने पर निर्माण कंपनी PNC पर भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था पर अब बड़ी चूक सामने आई है।
हालांकि एक्सप्रेसवे पर आवारा पशुओं के प्रवेश को रोकने के लिए 45 किलोमीटर ग्रीन फील्ड के दोनों ओर छह-छह फीट की लोहे की मजबूत जालियां लगाई गई हैं। इसके अलावा, जगह-जगह लोहे के गेट भी लगाए गए हैं। इतनी सुरक्षा के बावजूद एक्सप्रेसवे पर घोड़े, गाय और कुत्ते जैसे पशुओं का हाइवेआये दिन आना सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल रहा है जबकि NHAI पेट्रोलिंग टीम चौबीसों घंटे निरीक्षण के दावों पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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