नए PNG कनेक्शन पर कंपनियों को 200 SCM सस्ती गैस देगी सरकार, 1 सितंबर से लागू होगा नया नियम

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देश में LPG सिलेंडर की जगह पाइप के जरिए घरों तक गैस पहुंचाने की योजना को सरकार अब और तेज करने जा रही है। 1 सितंबर से नए घरेलू PNG कनेक्शन बढ़ाने के लिए सिटी गैस कंपनियों को अतिरिक्त 200 SCM सस्ती घरेलू प्राकृतिक गैस दी जाएगी। सरकार का मकसद नए कनेक्शन बढ़ाने के साथ-साथ पहले से लगे लेकिन निष्क्रिय कनेक्शनों को भी चालू कराना है।

सरकार की नई योजना के तहत योग्य सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूटर (CGD) कंपनियों को उनके क्षेत्र में तय लक्ष्य से अधिक नए और बिल वाले घरेलू PNG कनेक्शन देने पर हर कनेक्शन के लिए अतिरिक्त 200 मानक घन मीटर (SCM) घरेलू गैस आवंटित की जाएगी। यह योजना 1 सितंबर से लागू होगी और इसे दो चरणों में लागू किया जाएगा। हर चरण की अवधि छह महीने होगी। अतिरिक्त गैस घरेलू स्तर पर उत्पादित अपेक्षाकृत सस्ती APM गैस होगी।

कंपनियों को मिलेगी बड़ी आर्थिक राहत

सरकार के मुताबिक, इस अतिरिक्त सस्ती गैस से CGD कंपनियां महंगी LNG की खरीद कुछ हद तक कम कर सकेंगी। इससे कंपनियों की कुल गैस खरीद लागत घटेगी और घरेलू PNG नेटवर्क बढ़ाने में उनका निवेश ज्यादा फायदेमंद होगा। सरकार का अनुमान है कि इस योजना से घरेलू PNG कनेक्शन पर किए गए निवेश की लागत वसूलने का समय करीब 10 साल से घटकर लगभग 3 साल हो सकता है।

देश में 1.74 करोड़ से ज्यादा PNG कनेक्शन

भारत में फिलहाल करीब 1.74 करोड़ घरेलू PNG कनेक्शन हैं। सरकार पाइप से मिलने वाली गैस को LPG सिलेंडर के मुकाबले सुविधाजनक और अपेक्षाकृत स्वच्छ ईंधन के रूप में बढ़ावा दे रही है। PNG की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें सिलेंडर की तरह बार-बार बुकिंग और डिलीवरी की जरूरत नहीं होती। पाइपलाइन के जरिए घर में लगातार गैस आती है और मीटर के अनुसार बिल का भुगतान करना होता है।

LPG से PNG की ओर बढ़ रहा जोर

पश्चिम एशिया संकट के दौरान LPG आपूर्ति को लेकर पैदा हुई चुनौतियों के बाद सरकार ने PNG नेटवर्क के विस्तार पर ज्यादा जोर दिया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मार्च से अब तक 5 लाख से ज्यादा PNG कनेक्शन गैसीफाई किए जा चुके हैं, जबकि 5.7 लाख से अधिक ग्राहकों ने नए कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराया है। सरकार ने PNG उपभोक्ताओं को घरेलू LPG कनेक्शन सरेंडर करने के लिए भी प्रोत्साहित किया है। इसके साथ ही PNG Drive 2.0 के तहत जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं और LPG इस्तेमाल करने वाली हाउसिंग सोसायटियों को PNG में बदलने की कोशिश की जा रही है।

इनपुट- PTI

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