आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता, दिल्ली के पूर्व जल मंत्री और पंजाब मामलों के सह-प्रभारी सत्येंद्र जैन को भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने गिरफ्तार कर लिया है। अपनी गिरफ्तारी को लेकर उन्होंने बुधवार को कहा कि ACB द्वारा की गई उनकी गिरफ्तारी का संबंध आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव से है। इसे उन्होंने “राजनीति” करार दिया।
बुधवार को राउज एवेन्यू कोर्ट ले जाते समय सत्येंद्र जैन ने कहा, “यह सब इसलिए किया जा रहा है, क्योंकि पंजाब चुनाव आने वाला है। यह राजनीति है।” ACB ने दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) की सीवर शोधन संयंत्र परियोजनाओं की निविदा प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार के मामले में जैन समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है।
सत्येंद्र जैन समेत 6 लोगों की गिरफ्तारी
अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में डीजेबी के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) उदित प्रकाश राय, पूर्व संविदा सलाहकार अंकित श्रीवास्तव, नागेंद्र यादव, राजा कुमार कुर्रा और पंकज वर्मा शामिल हैं।
2024 में दर्ज हुई थी शिकायत
एसीबी के अनुसार, मामले में 11 मई 2024 को सतर्कता निदेशालय की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। शिकायत में डीजेबी के सीवर शोधन संयंत्रों के विस्तार और उन्नयन से जुड़ी निविदा प्रक्रिया में कथित बड़े पैमाने पर अनियमितताओं, निविदा शर्तों में हेरफेर और आपराधिक साजिश के आरोप लगाए गए हैं।
जांच एजेंसी का दावा है कि निविदा में ऐसी तकनीकी विशिष्टताएं और शर्तें शामिल की गई थीं, जिनसे कथित तौर पर एक विशेष तकनीक प्रदाता कंपनी ‘यूरोटेक एन्वायरमेंट प्राइवेट लिमिटेड’ को फायदा पहुंचा। एसीबी के मुताबिक, इससे प्रतिस्पर्धा सीमित हुई और निजी कंपनी को अनुचित लाभ मिला।
एसीबी ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रस्तावित प्रायोगिक अध्ययन नहीं कराया गया, जबकि निविदा में इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक और मीडिया से संबंधित प्रतिबंधात्मक शर्तें शामिल कर दी गईं। एजेंसी के अनुसार, शोधित अपशिष्ट जल से जुड़े आवश्यक मानकों को भी निविदा से बाहर रखा गया और तकनीकी विशिष्टताओं में बदलाव किए गए। इससे सरकारी खजाने पर महत्वपूर्ण वित्तीय प्रभाव पड़ने का आरोप है।
पहले भी ईडी ने किया था गिरफ्तार
सत्येंद्र जैन इससे पहले भी जांच एजेंसियों की कार्रवाई का सामना कर चुके हैं। उन्हें मई 2022 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने धनशोधन के एक मामले में गिरफ्तार किया था।
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