‘वंदे मातरम् नहीं गाएंगे चाहे फांसी पर चढ़ा दिया जाए’, AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान का विवादास्पद बयान

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

[ad_1]

वंदे मातरम् विवाद पर AIMIM नेता वारिस पठान ने विवादास्पद बयान देते हुए कहा कि वह वंदे मातरम् नहीं गाएंगे, चाहे उन्हें फांसी पर ही क्यों न चढ़ा दिया जाए। वारिस पठान ने आगे कहा कि हम वंदे मातरम् का सम्मान करते हैं, लेकिन इसे जबरन किसी पर थोपा नहीं जा सकता है।

छात्रों के नाम पर राजनीति करना गलत

वारिस पठान ने राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि GenZ और छात्रों के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए वारिस पठान बोले कि छात्रों के आंदोलन के बाद सरकार को झुकना पड़ा और हम छात्रों के साथ हैं, लेकिन इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।

धमकाकर मराठी भाषा सिखाना ठीक नहीं

वारिस पठान ने महाराष्ट्र सरकार पर भी हमला बोला। वारिस ने कहा कि मराठी भाषा सभी को सीखनी चाहिए, लेकिन डराकर, धमकाकर या नोटिस देकर मराठी जबरदस्ती सिखाना ठीक नहीं है। उन्होंने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि अगर हिम्मत है तो बॉलीवुड के फिल्मी सितारों और बड़े उद्योगपतियों के लिए भी मराठी अनिवार्य की जाए।

ईद-ए-मिलाद पर शराबबंदी की मांग

वहीं, वारिस पठान ने ईद-ए-मिलाद के मौके पर महाराष्ट्र में एक दिन शराबबंदी की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर देश में समानता है और संविधान सभी के लिए है, तो जिस तरह हिंदू त्योहारों पर शराब और मांस-मटन की बिक्री पर पाबंदी लगाई जाती है, उसी तरह 26 अगस्त को ईद-ए-मिलाद के दिन महाराष्ट्र में शराब की दुकानें बंद रखी जानी चाहिए।

कांग्रेस मुख्यालय से शुरू हुआ है ताजा विवाद

जान लें कि स्वतंत्रता के 80 साल बाद अब वंदे मातरम् को कानूनी जामा पहनाया गया है। बीते 30 जुलाई को पार्लियामेंट से वंदे मातरम् बिल पास हुआ था। इसके बाद, 13 अगस्त के दिन संसद में पहली बार राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् का गान हुआ था। फिर, स्वतंत्रता दिवस के दिन 15 अगस्त को भी लाल किला पर पहली बार वंदे मातरम् का गायन हुआ। लेकिन उसी दिन इसको लेकर विवाद तब शुरू हो गया था, जब कांग्रेस हेडक्वार्टर में वंदे मातरम् को पूरा नहीं गाया गया था।

विरोध करने वाले सुधरे नहीं तो जनता करेगी टुकड़े-टुकड़े

वंदे मातरम् विवाद पर केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने कड़ा बयान दिया था। मांझी ने अपने पोस्ट में लिखा था कि टुकड़े-टुकड़े गैंग वाले अब संसद से पास हुए राष्ट्र गीत वंदे मातरम् के भी टुकड़े-टुकड़े करने की बात कह रहे हैं। अगर वक्त के साथ ये नहीं सुधरे तो जनता इनके टुकड़े-टुकड़े कर देगी। करारा जवाब मिलेगा।

ये भी पढ़ें- वंदे मातरम् को लेकर भाजपा-कांग्रेस के बीच क्यों मचा है घमासान? 1937 का रिजोल्यूशन क्या था?



[ad_2]

Source link

Kaushal kumar
Author: Kaushal kumar

Leave a Comment

और पढ़ें