Newborn Sleep: नवजात बच्चा सो रहा हो और अचानक उसके चेहरे पर मुस्कान आ जाए, होंठ हिलने लगें या वह एकदम से हल्की आवाज निकाल दे, तो माता-पिता का ध्यान तुरंत उसकी तरफ जाता है. कई बार बच्चा नींद में रोने जैसा चेहरा बनाता है और कुछ सेकंड बाद फिर शांत होकर सो जाता है. ऐसे पल नए माता-पिता के लिए हैरान करने वाले होते हैं. मन में सवाल आता है कि आखिर बच्चा सपने में क्या देख रहा है? क्या उसे कोई परेशानी हो रही है या यह सामान्य है? दरअसल, नवजात शिशुओं की नींद बड़ों से काफी अलग होती है.
उनके सोने का पैटर्न अभी विकसित हो रहा होता है और नींद के दौरान चेहरे के भाव, हाथ-पैरों की हलचल और छोटी आवाजें सुनाई देना आम बात हो सकती है. हर मुस्कान या आवाज किसी खास सपने का संकेत हो, यह जरूरी नहीं है.
Newborn Sleep बड़ों से कैसे अलग है?
नवजात शिशु दिन और रात के बीच अंतर को तुरंत नहीं समझ पाते. शुरुआती हफ्तों में उनकी नींद छोटे-छोटे हिस्सों में बंटी रहती है. वे कुछ समय सोते हैं, फिर दूध के लिए जागते हैं और दोबारा सो जाते हैं.
नींद में मुस्कुराना क्यों होता है?
कई माता-पिता बच्चे की नींद में मुस्कान देखकर सोचते हैं कि वह कोई प्यारा सपना देख रहा है. हालांकि, हर बार ऐसा मानना सही नहीं होगा. नवजात अवस्था में मुस्कान कई बार नींद के दौरान होने वाली सामान्य चेहरे की गतिविधियों का हिस्सा होती है. सोते समय बच्चा अचानक मुस्कुरा सकता है, भौंहें सिकोड़ सकता है या होंठ हिला सकता है. ये गतिविधियां उसके विकसित होते तंत्रिका तंत्र और नींद के अलग-अलग चरणों से जुड़ी हो सकती हैं.
बच्चा नींद में आवाज क्यों निकालता है?
नवजात बच्चे सोते हुए कई तरह की आवाजें निकाल सकते हैं. कभी हल्की-सी गुनगुनाहट जैसी आवाज आती है, कभी बच्चा कराहता हुआ लगता है तो कभी अचानक कुछ सेकंड के लिए रोने जैसी आवाज निकाल देता है.
हर आवाज का मतलब परेशानी नहीं
सोते समय बच्चे का शरीर पूरी तरह शांत नहीं रहता. उसकी सांस लेने की गति भी कभी तेज तो कभी धीमी महसूस हो सकती है. चेहरे पर अलग-अलग भाव आना और छोटी आवाजें निकालना भी इसी दौरान दिखाई दे सकता है. ऐसे में हर छोटी आवाज पर बच्चे को तुरंत उठाने की जरूरत नहीं होती. अगर वह आराम से सांस ले रहा है और कुछ ही देर में फिर शांत हो जाता है, तो कुछ क्षण उसे देखकर स्थिति समझी जा सकती है.
नींद में अचानक रोने पर क्या करें?
अगर बच्चा नींद में अचानक रोने लगे, तो पहले देखें कि वह वास्तव में जागा है या अभी सो ही रहा है. कई बार बच्चा कुछ सेकंड रोने के बाद खुद शांत होकर दोबारा सो जाता है. अगर बच्चा लगातार रो रहा है, तो भूख, गीला डायपर, ज्यादा गर्मी या ठंड जैसी सामान्य जरूरतों को जांचें. बच्चे को धीरे से सहलाना और शांत आवाज में बात करना भी मददगार हो सकता है.
किन संकेतों पर ध्यान देना जरूरी है?
अगर नींद के दौरान बच्चे को सांस लेने में स्पष्ट परेशानी दिखे, होंठ या चेहरा नीला पड़े, बार-बार असामान्य तरीके से झटके आएं या बच्चा लंबे समय तक असामान्य रूप से सुस्त रहे, तो इसे सामान्य नींद की गतिविधि मानकर नजरअंदाज न करें. ऐसी स्थिति में तुरंत बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है. नवजात की नींद को समझने में सबसे जरूरी बात है धैर्य. हर मुस्कान सपना नहीं और हर आवाज परेशानी नहीं. धीरे-धीरे माता-पिता भी बच्चे के सोने के पैटर्न और उसके अलग-अलग संकेत पहचानना सीख जाते हैं.








