रिमोट दबाते ही गायब होती थी सरिया! गाजियाबाद में हाईटेक चोरों के गैंग का पर्दाफाश, 4 आरोपी गिरफ्तार

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गाजियाबाद में स्टील सरिया चोरी करने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। स्वाट टीम, अपराध शाखा और थाना कविनगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में कंप्यूटरीकृत धर्मकांटे में इलेक्ट्रॉनिक चिप लगाकर रिमोट की मदद से सरिया चोरी करने वाले गिरोह के चार सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई 41,780 किलोग्राम यानी करीब 41.78 टन सरिया और उसे ढोने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा ट्रक बरामद हुआ है।

23 अगस्त को मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई

पुलिस के मुताबिक, पुलिस आयुक्त के निर्देश पर अपर पुलिस उपायुक्त अपराध के पर्यवेक्षण और सहायक पुलिस आयुक्त अपराध के नेतृत्व में स्वाट टीम व अपराध शाखा ने 23 अगस्त 2026 को मुखबिर की सूचना के आधार पर कार्रवाई की। सूचना मिली थी कि आरोपी कंप्यूटरीकृत धर्मकांटे में इलेक्ट्रॉनिक चिप लगाकर रिमोट के जरिए वजन में हेराफेरी करते हुए सरिया चोरी कर रहे हैं।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से चोरी का सरिया लदे ट्रक नंबर NL01AH7968 को बरामद किया गया। ट्रक में कुल 41,780 किलोग्राम चोरी का सरिया मिला।

नैथली बारापत में उतारा जा रहा था चोरी का सरिया

पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि चोरी किया गया सरिया नैथली बारापत में उतारा जा रहा था। आरोपियों के मुताबिक वे चोरी का माल इसी गोदाम में उतारते थे। उनके अनुसार यह गोदाम राजकुमार उर्फ राजू, बुलंदशहर निवासी, लोकेश शर्मा उर्फ दिवाकर, शास्त्रीनगर गाजियाबाद निवासी और आफताब, डासना निवासी के कहने पर उद्योग कुंज धर्मकांटा के बराबर में बनाया गया था।

ट्रक से माल उतारने के बाद दूसरी गाड़ी भेजते थे

पूछताछ में सामने आया कि ट्रक से माल उतारने के बाद राजकुमार उर्फ राजू, आफताब और दिवाकर वहां दूसरी गाड़ी भेजते थे। इसके बाद चोरी किया गया सरिया उस गाड़ी में लोड कर दिया जाता था। बाद में राजकुमार, आफताब और लोकेश शर्मा उर्फ दिवाकर अपने-अपने ठिकानों पर सरिया उतरवा देते थे।

पुलिस के अनुसार, आरोपी इस अवैध धंधे से मोटा मुनाफा कमाते थे और चोरी के काम में शामिल मजदूरों को उनकी रोजमर्रा की मजदूरी से अधिक पैसे देते थे।

इलेक्ट्रॉनिक चिप और रिमोट से वजन में करते थे हेराफेरी

गिरोह का तरीका भी पूछताछ में सामने आया है। आरोपी कंप्यूटरीकृत धर्मकांटे में इलेक्ट्रॉनिक चिप लगाकर रिमोट की मदद से वजन में हेराफेरी करते थे। इसी तकनीक का इस्तेमाल कर सरिया चोरी की जाती थी।

पूछताछ में आरोपियों ने यह भी बताया कि वे पिछले काफी दिनों से सरिया चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। आरोपी आफताब और राजू पहले भी सरिया चोरी के मामलों में जेल जा चुके हैं।

चोरी के माल के साथ पकड़े गए आरोपी

पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुसर्रफ पुत्र अनवर, निवासी गांव गुजराला, थाना हापुड़ जंक्शन, जनपद हापुड़, उम्र 42 वर्ष; ओसामा पुत्र रिफाकत, निवासी बिजली बंबा बाईपास, थाना लोहिया नगर, मेरठ, उम्र 25 वर्ष; ईमरान पुत्र एजाज अली, निवासी रूसुलपुर, थाना गुलावठी, बुलंदशहर, उम्र 27 वर्ष; और प्रशांत पुत्र शैलेन्द्र कुमार, निवासी बीकापुर, थाना बिधूना, जनपद औरैया, उम्र 19 वर्ष के रूप में हुई है।

41.78 टन सरिया और ट्रक बरामद

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक अदद ट्रक, चोरी के सरिया सहित वाहन भी बरामद किया है। इसके अलावा 41,780 किलोग्राम चोरी का सरिया भी बरामद हुआ है।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने चोरी की वारदात में शामिल अपने कई अन्य साथियों के नाम भी बताए हैं। पुलिस अब इन लोगों के संबंध में जांच-पड़ताल कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। साथ ही गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

ज़ुबेर अख्तर की रिपोर्ट

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