रायपुर: छत्तीसगढ़ से भी पेपर लीक की खबर सामने आई है। रायपुर में इंदिरा गांधी एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में एंडोस्कोपिक कैमरे की मदद से पेपर को लीक किया गया है। दुर्ग के एक प्राइवेट कॉलेज के प्रोफेसर योगेश ने सुई और एंडोस्कोपिक कैमरे की मदद से सीलबंद लिफाफे को बिना फाड़े पेपर लीक किया और छात्रों को 12 हजार रुपए में पेपर की कॉपी बेच दी।
मास्टरमाइंड समेत 6 आरोपी गिरफ्तार, पेपर खरीदने वाले 5 छात्र भी अरेस्ट
पुलिस ने पेपर लीक के इस हाई-टेक तरीके के मास्टरमाइंड समेत 6 आरोपियों को अरेस्ट किया है। पेपर खरीदने वाले 5 छात्र भी पुलिस की गिरफ्त में हैं। इसकी वजह से BSC एग्रीकल्चर के सेकंड ईयर की एंटोमोलॉजी और फर्स्ट ईयर की प्लांट पैथोलॉजी की परीक्षाएं प्रभावित हुईं।
एग्जाम से दो घंटे पहले ही क्वेश्चन पेपर व्हाट्सएप और सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पुलिस के मुताबिक प्रोफेसर ने सीलबंद लिफाफे में सुई से बेहद छोटा छेद किया। मेडिकल फील्ड में इस्तेमाल होने वाले एंडोस्कोपिक कैमरे को उस छेद के अंदर डालकर अंदर के पूरे पेपर को रिकॉर्ड और स्कैन किया और फिर स्टूडेंट्स को बेचा।
हैरान करने वाला है पेपर लीक का ये तरीका
पेपर लीक करने वाले लोग और एग्जाम में चीटिंग कराने वाले लोग नई-नई टेक्नालॉजी का इस्तेमाल कर रहे हैं, जोकि हैरान करने वाला है। ये धंधा इसलिए भी पनप रहा है क्योंकि नकल करके पास होने वाले पेपर लीक के लिए लाखों रुपए खर्च करने से भी पीछे नहीं हटते।
इसके अलावा कई मौकों पर पेपर लीक और चीटिंग कराने वालों को सिस्टम से भी मदद मिलती है और सुरक्षा भी दी जाती है। यही कारण है कि कई बार बेईमानी से पास होने वाले लोग सिस्टम में नौकरी पा जाते हैं और देश का नुकसान करते हैं।
गौरतलब है कि देश में बीते दिनों तमाम मौकों पर पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। पेपर लीक की वजह से कई छात्रों ने तो जान भी गंवाई। इन मामलों की जब जांच हुई तो पता लगा कि इसमें लाखों रुपए का खेल हुआ और पेपर लीक के बदले छात्रों से लाखों रुपए वसूले गए। शिक्षा व्यवस्था के लिए ये काफी चिंताजनक स्थिति है।
बता दें कि इससे पहले रायपुर में IGKV सेमेस्टर एग्जाम के पेपर लीक होने पर यूनिवर्सिटी ने परीक्षा रद्द कर दी और जांच समिति बनाई थी।
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