महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की Drug Inspector पद की परीक्षा का पेपर लीक मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 2 सितंबर तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।
कोचिंग चलाने वाले के जरिए लीक हुआ पेपर
जांच में सामने आया है कि उम्मीदवार रितुजा पाटील (फिलहाल गिरफ्तार नहीं) और गौरव पाटील के बीच प्रेम संबंध थे। बताया जा रहा है कि रितुजा ने अपने पिता अमृत पाटील से परीक्षा का पेपर हासिल करने की बात कही थी। इसके बाद, अमृत पाटील कथित बिचौलिए प्रवीण पाटील के संपर्क में आया। प्रवीण पाटील नंदुरबार में कोचिंग क्लास चलाता है। पुलिस को जानकारी मिली है कि प्रवीण पाटील और MPSC के गिरफ्तार अधिकारियों के बीच करीब 5 लाख रुपये का ट्रांजैक्शन हुआ है। हालांकि, जांच के दौरान यह रकम बढ़ सकती है।
और बड़ा हो सकता है पेपर लीक का नेटवर्क!
पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि पूरी डील करीब 12 लाख रुपये में हुई थी। क्राइम ब्रांच अब इस रकम से जुड़े पूरे वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है। जांच में पुलिस को कई महत्वपूर्ण समानताएं मिली हैं। प्रवीण पाटील, रितुजा के पिता अमृत पाटील और MPSC से जुड़े अधिकारी सभी नंदुरबार से जुड़े हुए हैं। हालांकि, पुलिस के मुताबिक प्रवीण पाटील जिस कोचिंग क्लास को चलाता है, उसका FDA इंस्पेक्टर परीक्षा की पढ़ाई से सीधे तौर पर कोई संबंध नहीं है। इसी वजह से क्राइम ब्रांच को शक है कि पेपर लीक नेटवर्क में आगे और भी आरोपी सामने आ सकते हैं। क्या सिर्फ ड्रग इंस्पेक्टर के ही पेपर लीक किए हैं या किसी और एग्जाम के भी इसकी जांच की जा रही है।
ब्रेकअप के चक्कर में खुली पेपर लीक की पोल
जांच के मुताबिक, परीक्षा से दो दिन पहले पेपर लीक हुआ था। पेपर लीक होने के बाद इसकी जानकारी आगे कई लोगों तक पहुंची। शिकायतकर्ता ऋषिकेश गांगुर्दे सोशल मीडिया पर FDA से संबंधित कंटेंट बनाता है। इसी दौरान, गौरव पाटील उसके संपर्क में आया और उसे लीक हुए पेपर के बारे में जानकारी दी। पुलिस की जांच में सामने आया है कि गौरव पाटील और रितुजा पाटील के बीच प्रेम संबंध थे। ब्रेकअप के बाद गौरव ने MPSC को पेपर लीक की जानकारी देने का फैसला किया। गौरव पाटील उर्फ लोकेश ने ऋषिकेश गांगुर्दे से संपर्क कर उसे यह भी बताया कि उसके पास लीक हुए पेपर की कॉपी मौजूद है।
मामले में गौरव पाटील को भी बनाया गया आरोपी
इस मामले में MPSC से जुड़े तीन अधिकारियों के नाम भी सामने आए हैं विश्वेश्वर नकटे, सहायक कक्ष अधिकारी; गोपाल मराठे और अभिजीत लेंडवे, अवर सचिव, MPSC, इन अधिकारियों की भूमिका की जांच की जा रही है। इस मामले में कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गौरव पाटील को भी आरोपी बनाया गया है और उसे गिरफ्तार किया गया है, जबकि रितुजा पाटील को फिलहाल गिरफ्तार नहीं किया गया है।
क्राइम ब्रांच की पूछताछ में खुलेगा पूरा मामला
क्राइम ब्रांच अब यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा से दो दिन पहले पेपर MPSC से बाहर कैसे आया, पेपर किन लोगों तक पहुंचा, 12 लाख रुपये की कथित डील में किस-किस की भूमिका थी, 5 लाख रुपये के ट्रांजैक्शन का संबंध किन आरोपियों से है, और इस पूरे नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के जरिए पेपर लीक की पूरी कड़ी और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका का पता लगाने की कोशिश जारी है। इससे पहले, MPSC ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती पेपर लीक की पूरी टाइमलाइन भी सामने आई थी।









