नेपाल में आए सैलाब ने पूरी तरह से तबाही मचा दी है। सैलाब की चपेट में आने से अब तक 178 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 700 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। मृतकों में सबसे ज्यादा 64 शव नेपाल के चितवन से मिले हैं जबकि 27 शव धादिंग से मिले हैं। इनके अलावा रेस्क्यू एजेंसियों को नवलपरासी पूर्व से 26 शव, गोरखा जिले से 20 शव और नुवाकोट जिले से 12 शव मिले हैं।
नेपाल में बाढ़ की स्थिति के लिए विदेश मंत्रालय में एक विशेष कंट्रोल रूम बनाया गया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि PM ने कल नेपाल के प्रधानमंत्री से बात की और कहा कि भारत उनके साथ खड़े है।
- 288 भारतीय नागरिक लापता
- 73 त्रिशूली में काम करने वाले
- 37 और 49 लोगों के दो अलग अलग गुटों में तमिलनाडु के लोग कैलाश ममनसोरवर यात्रा के लिए गए थे जो लापता।
- 32 वेस्ट बंगाल के लोग
- 61 अलग-अलग राज्यों से
इस विनाशकारी सैलाब में 19 पुल, करीब 40 किलोमीटर का हाईवे और 9 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट तबाह हो गए हैं…फ्लैश फ्लड का पानी करीब 30 फीट तक ऊपर आ गया था…तेज बहाव में घर, गाड़ियां सब बह गए…बताया जा रहा है कि तिब्बत में ग्लेसियर फटने से पानी और मलबे का सैलाब नेपाल के भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में पहुंचा…जिससे ये विनाशकारी बाढ़ आई…पानी और मलबे का बहाव इतना तेज था कि इसकी चपेट में आए रसुवा के लोगों के शव 150 किलोमीटर दूर चितवन में बरामद हो रहे हैं…खराब मौसम और टूटे रास्तों के बीच राहतकर्मी मलबे में दबे लोगों की तलाश में जुटे हैं…नेपाल में लापता लोगों में सैकड़ों विदेश नागरिक भी हैं..








