नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा में सैकड़ों लोगों की मौत हो गई है और हजारों लोग घायल हैं। इस बीच, नेपाल सरकार ने बताया है कि त्रिशूली में रेस्क्यू ऑपरेशन फिर से शुरू हो गया है। नेपाल सेना के अधिकारी ने जानकारी दी कि दो फीट वाटर लेवल अभी तक बढ़ा है। हम पूरी तरह से अलर्ट हैं और नजर बनाए हुए हैं। नुवाकोट जिले के तटीय इलाकों में पुनः बाढ़ आने की आशंका के बीच स्थानीय लोग सुरक्षित स्थानों पर जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। नेपाल सरकार के तरफ से राहत तथा बचाव काम में लगे सभी से सुरक्षित स्थान पर जाने का अनुरोध किया गया। सरकार के प्रवक्ता सस्मित पोखरेल ने यह जानकारी दी है।
अबतक कई शवों की पहचान नहीं
जानकारी के मुताबिक अबतक 489 शव बरामद किए गए हैं और कई लोग लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। 449 में से अब तक सिर्फ 100 शवों की ही पहचान हो पाई है। 393 शवों की पहचान नहीं हुई है। भारत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक 84 भारतीय नागरिकों को बचा लिया गया है, लेकिन 290 भारतीयों से अभी तक संपर्क नहीं हो पाया है।
नेपाल सरकार ने कहा-तत्काल बड़ा खतरा नहीं
चीन में ग्लेशियर टूटने से पानी का ओवरफ्लो होने की खबर के बाद नेपाल सरकार के प्रवक्ता ने कहा – तत्काल बड़े खतरे की आशंका नहीं है। नेपाल सरकार ने जानकारी दी है कि चीन में छोचेन खोला और पुरेपू त्सांग्पो नदी के संगम के पास बने बड़े तालाब से ग्लेशियर टूटे हैं। हालांकि, तत्काल बड़े जोखिम की स्थिति नहीं है। सरकार के प्रवक्ता एवं शिक्षा मंत्री सस्मित पोखरेल ने बताया कि कहीं भी सामान्य रूप से ग्लेशियर टूटने के कारण कई स्थानों पर पानी के साथ गाद बहकर ओवरफ्लो हुआ है। उन्होंने कहा कि फिलहाल कोई बड़ा खतरा दिखाई नहीं दे रहा है, लेकिन एहतियात के तौर पर सतर्क रहना जरूरी है।
फिर से आ सकती है बाढ़
बता दें कि चिंता की बात ये है कि नेपाल में आए इस विनाशकारी बाढ़ के बाद भी खतरा टला नहीं है। दरअसल, अब एक नई झील ने चिंता बढ़ा दी है। यह झील पहाड़ों से आए बर्फ, चट्टानों और मलबे के कारण बनी है और इसमें पानी जमा हो रहा है और इसके ओवरफ्लो होने की खबर सामने आई है। ऐसे में आशंका है कि अगर यह प्राकृतिक बांध टूटता है तो नीचे के इलाकों में फिर अचानक बाढ़ आ सकती है।
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