भारत और श्रीलंका के बीच में दो टेस्ट मैचों की सीरीज का अंत कोलंबो में खेले गए दूसरे मुकाबले के ड्रॉ पर खत्म होने के साथ हो गया जिसमें टीम इंडिया शुभमन गिल की कप्तानी में पहली बार विदेशी सरजमीं पर कोई टेस्ट सीरीज जीतने में कामयाब हो सकी। भारतीय टीम ने इस टेस्ट सीरीज का पहला मैच जो गॉल के मैदान पर खेला था उसको जीतने में कामयाब रही थी। वहीं कोलंबो टेस्ट में भी शुरुआती चार दिनों का खेल खत्म होने पर टीम इंडिया की जीत पक्की दिख रही थी लेकिन 5वें दिन श्रीलंका के 25 साल के युवा बल्लेबाज सोनल दिनुशा ने जिस तरह से बल्लेबाजी करते हुए मुकाबले को ड्रॉ कराने में अहम भूमिका अदा की उसकी तारीफ हर जगह देखने को मिल रही है। सोनल दिनुशा का इस टेस्ट सीरीज में बल्ले से एकतरफा प्रदर्शन देखने को मिला जिसमें उन्होंने भारतीय टीम की नाक में दम कर दिया। सोनल के बल्ले से कुल तीन शतकीय पारी देखने को मिली। वहीं उनकी इंटरनेशनल क्रिकेट में पहुंचने की जर्नी काफी संघर्ष भरी रही है जिसका फल अब उनको मिल रहा है।
पहला बल्ला बहन ने उधार लेकर खरीदा था
श्रीलंका के युवा बल्लेबाज सोनल दिनुशा को इस मुकाम तक पहुंचने के लिए काफी कड़ा संघर्ष करना पड़ा और यहां तक कि उनके लिए पहला बल्ला उनकी बहन ने पैसे उधार लेकर खरीदा था। सोनल दिनुशा अपने खेल के प्रति कितने गंभीर है, इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि दूसरा टेस्ट ड्रॉ कराने में अहम भूमिका निभाने के कुछ ही घंटों के भीतर नेट पर अभ्यास करना चाहा। सोनल दिनुशा के टेस्ट सीरीज में बेहतरीन प्रदर्शन के बाद उनके भरोसेमंद कोच अशान प्रियंजन ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए बयान में बताया कि उसे बास्केटबॉल में काफी दिलचस्पी थी। लेकिन उसके स्कूल के कोच सुसंथा फेलिक्स डियास ने उसे क्रिकेट खेलते हुए देखकर क्रिकेट टीम में शामिल कर लिया। उसके पास बल्ला या अन्य कोई सामान नहीं था। इसके बाद उसकी बहन ने कुछ पैसे उधार लेकर उसके लिए बल्ला खरीदा। यह उसका पहला क्रिकेट बैट था, सोनल के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। वह अपने माता-पिता और भाई-बहनों से बहुत जुड़ा हुआ है। मुझे लगता है कि वह क्रिकेट से भी उसी तरह जुड़ा हुआ है।
उसे पहली बार स्कूल क्रिकेटर के रूप में देखा था
सोनल दिनुशा को लेकर अशान प्रियंजन ने आगे बताया कि उन्होंने उसे पहली बार स्कूल क्रिकेटर के रूप में देखा था जब वह करीब 11 या 12 साल का था। मैंने एक बार उससे कहा था कि स्पिनरों के खिलाफ सफल होने के लिए उन्हें स्वीप शॉट अच्छी तरह से खेलना आना चाहिए। इसके बाद से ही उसने लगभग दो घंटे नेट पर सिर्फ स्वीप शॉट का अभ्यास किया। बता दें कि भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज में सोनल दिनुशा के बल्ले से कुल 420 रन देखने को मिले जिसमें से उन्होंने 173 रन स्वीप शॉट के जरिए बनाए और भारतीय स्पिनर्स की नाक में दम कर दिया।
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