सोनिया गांधी की किताब क्यों रोक दी गई, क्या हटाने को लेकर शुरू हुआ विवाद?

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आज कांग्रेस के लिए एक और परेशान करने वाली खबर आई। सोनिया गांधी की किताब ‘Belonging: A Journey of Love’ को लेकर एक कंट्रोवर्सी सामने आई है। सोनिया गांधी की किताब को छापने से पब्लिशर पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने इनकार कर दिया है। खबर है कि पेंगुइन ने किताब के एक हिस्से में कुछ एडिटोरियल चेंजेज और कुछ पैराग्राफ्स को हटाने की मांग की थी। पब्लिशर की इस डिमांड को सोनिया गांधी ने रिजेक्ट कर दिया, जिसके बाद पेंगुइन रैंडम हाउस ने किताब छापने से इनकार कर दिया।

किताब पब्लिश करने से इनकार

पहले इस किताब की रिलीज डेट 10 नवंबर रखी गई थी। इससे पहले ही किताब की पब्लिशिंग को लेकर विवाद हो गया है। अब कांग्रेस का सवाल है कि पेंगुइन बुक्स ने इंडिया में इस बुक को पब्लिश करने को लेकर जो आपत्तियां जताई हैं, वो वर्ल्ड वाइड पब्लिकेशन के दौरान क्यों नहीं जताई गईं। हालांकि पब्लिशर ने इस बारे में बयान जारी करके सफाई भी दे दी है। इसके बावजूद कांग्रेस इसे प्रेस फ्रीडम पर हमला बता रही है।

क्यों शुरू हुआ विवाद?

आज के जमाने में ये नहीं होता कि ऑथर ने लिखकर दे दिया और पब्लिशर ने यूं का यूं छाप दिया। हर पब्लिशर, किताब का सारा टेक्स्ट एक लीगल फर्म को देता है, जो ये इन्श्योर करती है कि पब्लिशर किसी कानूनी चक्कर में ना फंसे। सोनिया गांधी की किताब के साथ भी यही हुआ है। पब्लिशर ने फैक्ट चेक करवाया और फिर ऑथर को सजेस्ट किया। इसके बाद ऑथर ने मानने से इनकार कर दिया। ऐसे में पब्लिशर चाहकर भी किताब को पब्लिश करने का रिस्क नहीं ले सकता। चूंकि किताब सोनिया गांधी की है, इसीलिए ये विवाद अब काफी बड़ा बन गया है।

किताब में क्या है?

ये किताब सोनिया गांधी की आत्मकथा है। इसमें सोनिया गांधी के इटली में बिताए बचपन से लेकर भारत में उनके जीवन तक का वर्णन किया गया है। राजीव गांधी से विवाह, देश की प्रधानमंत्री रहीं इंदिरा गांधी की बहू बनना, इन सबका उल्लेख इस आत्मकथा में किया गया है। सोनिया ने कहा कि राजनीति से धीरे-धीरे दूरी बनाने के बाद जब उन्होंने अपने जीवन को पीछे मुड़कर देखा, तो उन्हें एहसास हुआ कि ”उनके जीवन के हर पड़ाव को जोड़ने वाली कड़ी प्रेम और निष्ठा रही है।” उन्होंने अपनी इस यात्रा को ”इटली के छोटे शहर में अपने बचपन की सरलता से लेकर भारत में बिताए वर्षों की जटिलता” तक की यात्रा बताया।

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