पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी शुक्रवार को बीजेपी पर जमकर बरसीं। दीदी ने कहा कि बीजेपी पुलिस के दम पर लोगों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है लेकिन ऐसा होगा नहीं, वो फाइटर हैं और बीजेपी के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ेंगी। ममता टीएमसी छात्र परिषद के फाउंडेशन डे प्रोग्राम में बोल रही थीं। ममता बनर्जी ने कहा कि बीजेपी पुलिस के जरिए लोगों को डराने की कोशिश कर रही है। जो लड़के टीएमसी को सपोर्ट करते हैं उन्हें धमकाया जा रहा है। उन्हें (ममता) भी रोकने की कोशिश की जा रही है। पार्टी नेताओं पर झूठे केस लगाए जा रहे हैं। लेकिन वो इसके खिलाफ लड़ेंगी। दीदी ने कहा कि कैमेक स्ट्रीट पर जो कुछ हुआ, उसे पूरा बंगाल देख रहा है। वो जुल्म करने वालों के आगे झुकेंगी नहीं।
किताब चोरी का इल्जाम लगाया- ममता
पूर्व सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि पुलिस कैमेक स्ट्रीट पर गैस कटर लेकर क्या करने गई थी? उन्होंने तो यहां से पहले ही सब चोरी कर लिया है, अब क्या वो इसे पूरी तरह लूटना चाहते हैं। दीदी ने कहा कि उन पर किताब चोरी का इल्जाम लगाया जा रहा है। अगर किसी में हिम्मत है तो इस चोरी का सबूत दे, वरना नाक रगड़ कर माफी मांगे। ममता बनर्जी ने कहा कि वो सत्ता से बाहर जरूर हुई है, लेकिन इतना बुरा वक्त नहीं आया है कि उन्हें लाइब्रेरी से किताबें चुरानी पड़े। वो अभी भी ऐसी कई लाइब्रेरी बनाकर दे सकती हैं।
बीजेपी को भी सत्ता से बाहर होना है- अभिषेक
ममता बनर्जी के बाद अभिषेक बनर्जी ने भी बीजेपी को निशाने पर लिया। अभिषेक ने कहा कि बीजेपी ने जुल्म की सारी हदें लांघ दी है, लेकिन वो ये भूल गए हैं कि एक दिन उन्हें भी सत्ता से बाहर होना है। उन्होंने कहा कि जो लोग आज बीजेपी के साथ खड़ा होकर खुद को सेफ मान रहे हैं, ये उनकी गलतफहमी से ज्यादा कुछ नहीं है। अभिषेक ने कहा कि बीजेपी के लोग उतना ही अत्याचार करें, जितना वो खुद सह सकते हैं, क्योंकि वक्त बदलते देर नहीं लगती है। अभिषेक ने ऋतब्रत बनर्जी गुट को लेकर कहा कि मैं सीना ठोक कर कहता हूं कि बंगाल की सबसे बड़ी नेता ममता बनर्जी हैं और एक भी गद्दार को वो अब पार्टी में वापस नहीं लेंगे।
कहां से शुरू हुआ पूरा विवाद?
ममता बनर्जी और अभिषेक बीजेपी पर इतना भड़के हुए हैं, उसकी वजह है कि शुक्रवार को टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओ ब्रायन के खिलाफ कोलकाता पुलिस ने तीन एफआईआर दर्ज की। इसमें टीएमसी के कई दूसरे बड़े नेताओं को भी आरोपी बनाया गया है। दरअसल गुरुवार की रात कोलकाता पुलिस और नगर निगम की टीम अभिषेक बनर्जी के ऑफिस पहुंची थी। पुलिस ने कैमेक स्ट्रीट ऑफिस पर लगे साइन बोर्ड को इल्लीगल बताया, उसे हटाने की कोशिश की। इस पर तृणमूल नेता भड़क गए और पुलिस के साथ धक्का मुक्की हुई। सांसद डेरेक ओ ब्रायन ऑफिस की सीढ़ियों पर लेट गए। इस दौरान जमकर हंगामा हुआ, नारेबाजी हुई। हंगामे के बीच अभिषेक बनर्जी भी ऑफिस पहुंच गए और नगर निगम के अफसरों से बहस की व साइन बोर्ड हटाने से रोका। लेकिन नगर निगम की टीम पीछे नहीं हटी। अभिषेक बनर्जी के ऑफिस से साइन बोर्ड हटा दिया गया। इस पर डेरेक ओ ब्रायन बुरी तरह भड़क गए। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी टीएमसी छात्र परिषद का प्रोग्राम रोकना चाहती है। इसलिए पुलिस को भेजकर उन्हें धमकाया जा रहा है।
सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा है कि कोलकाता नगर निगम का नोटिस पूरी तरह अवैध है। ना तो इस नोटिस पर किसी के हस्ताक्षर हैं ना ही कोई दूसरी डिटेल्स हैं। हमन उनसे सही नोटिस लाने की मांग की लेकिन वो जबरदस्ती बिल्डिंग में घुस गए। मुझे सीढ़ियों पर धक्का देकर गिरा दिया। अभिषेक बनर्जी समेत पार्टी के तमाम कार्यकर्ता वहां मौजूद थे, महिलाएं भी थीं। डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि उन्होंने अपने पॉलिटिकल करियर में पुलिस की ऐसी कार्रवाई पहले कभी नहीं देखी।
ममता पर होगी FIR?
ममता बनर्जी ने इसी मुद्दे पर सीएम शुभेंदु अधिकारी को घेरने की कोशिश की। लेकिन इसके बाद उनकी मुसीबत और ज्यादा बढ़ गई। अब ममता बनर्जी के खिलाफ भी एफआईआर होगी। नया विवाद टीएमसी छात्र परिषद के प्रोग्राम से जुड़ा है। छात्र परिषद के कार्यकर्ताओं ने प्रोग्राम के दौरान आम रास्ता खाली नहीं छोड़ा। जबकि कोर्ट ने इसके निर्देश दिए थे और इसी मुद्दे पर अब शुभेंदु ने कहा है कि दीदी को बख्शा नहीं जाएगा। सीएम शुभेंदु ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ने कोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया है। कोर्ट ने कार्यक्रम में सड़क खाली छोड़ने के निर्देश दिए थे, लेकिन उनके नेताओं ने पूरा रास्ता जाम कर दिया। शुभेंदु ने कहा कि ऐसा नहीं चलेगा। उन्होंने पुलिस को एफआईआर रजिस्टर करने के निर्देश दे दिए हैं।
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