बीते हफ्ते घरेलू शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली। इस गिरावट के कारण सेंसेक्स की सबसे बड़ी 10 में से 7 कंपनियों के मार्केट कैप में 1,13,000 करोड़ रुपये से भी ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। जबकि, बाकी की 3 कंपनियों के मार्केट कैप में 21,718.47 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। बताते चलें कि पिछले हफ्ते बीएसई सेंसेक्स 276.32 अंक यानी 0.35 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ था। जबकि, एनएसई का निफ्टी 50 इंडेक्स भी 76.35 अंक यानी 0.31 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ था।
भारती एयरटेल के मार्केट कैप में सबसे ज्यादा गिरावट
पिछले हफ्ते जिन कंपनियों के मार्केट कैप में गिरावट दर्ज की गई, उनमें भारती एयरटेल, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो (L&T), भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) और हिंदुस्तान यूनिलीवर के नाम शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर, इस दौरान टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), आईसीआईसीआई बैंक और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का मार्केट कैप बढ़त लेकर बंद हुआ। इस दौरान, भारती एयरटेल के मार्केट कैप में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।
किन कंपनियों को कितना हुआ नुकसान
भारती एयरटेल का मार्केट कैप 40,500.85 करोड़ रुपये की गिरावट के साथ 11,74,462.30 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज की वैल्यूएशन 40,056.32 करोड़ रुपये घटकर 17,38,119.27 करोड़ रुपये पर आ गई। एचडीएफसी बैंक की मार्केट वैल्यू भी 11,558.35 करोड़ रुपये घटकर 11,09,600.70 करोड़ रुपये रह गई। इनके अलावा, बजाज फाइनेंस के मार्केट कैप में 10,086.05 करोड़ रुपये की गिरावट आई और ये 6,70,535.57 करोड़ रुपये पर आ गया।
एलएंडटी और एलआईसी के मार्केट कैप में कितनी आई गिरावट
इनके साथ ही, लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) का मार्केट कैप भी 6,473.45 करोड़ रुपये घटकर 5,55,987.49 करोड़ रुपये पर आ गया। भारतीय जीवन बीमा निगम की वैल्यूएशन 3,162.5 करोड़ रुपये घटकर 5,32,817.81 करोड़ रुपये रही। हिंदुस्तान यूनिलीवर की मार्केट वैल्यू 1,550.73 करोड़ रुपये घटकर 4,72,361.83 करोड़ रुपये पर आ गई।
टीसीएस के मार्केट कैप में उछाल
जबकि दूसरी ओर, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के मार्केट कैप में 16,643.20 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई और ये बढ़कर 8,48,079.71 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। आईसीआईसीआई बैंक की मार्केट वैल्यूएशन 4,475.28 करोड़ रुपये बढ़कर 10,22,805.73 करोड़ रुपये हो गई। इनके अलावा, भारतीय स्टेट बैंक के मार्केट कैप में भी 599.99 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई और ये चढ़कर 9,65,568.75 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। मार्केट कैप के लिहाज से रिलायंस इंडस्ट्रीज अभी भी सबसे वैल्यूएबल कंपनी बनी हुई है।
ये भी पढ़ें
रूस को पेट्रोल निर्यात करने वाला प्रमुख देश बना भारत, रिफाइनरी पर हमलों से बाधित हुई सप्लाई









