बिहार के दरभंगा एयरपोर्ट से सफर करने वाले लोगों के लिए एक खुशखबरी है. दरभंगा एयरपोर्ट से दक्षिण भारत की यात्रा करने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है. फरवरी माह से दरभंगा- बेंगलुरु के बीच अकासा एयरलाइंस सीधी उड़ान सेवा शुरू करने जा रहा है. अकासा एयरलाइंस को इसे लेकर अनुमति मिल चुकी है. कंपनी ने संचालन की दिशा में तैयारियां तेज कर दी है.
विंटर शेड्यूल के तहत दरभंगा एयरपोर्ट से अब कुल 34 विमानों का आवागमन होगा. इसमें 34 उड़ानों की लिस्ट है. इस कड़ी में अकासा एयर को बेंगलुरु, दिल्ली और मुंबई के लिए 3 नया स्लॉट दिया गया है. वहीं, एयर इंडिया एक्सप्रेस को बेंगलुरु-दिल्ली के लिए 2 नया स्लॉट मिला है. वहीं स्पाइसजेट को अहमदाबाद का 1 नया स्लॉट दिया गया है. जबकि इंडिगो ने मुंबई रूट को डेली कर दिया है.
विंटर शेडयूल में बेंगलुरु के लिए अकासा के अलावा एयर इंडिया एक्सप्रेस को स्लॉट मिला है. इस रूट में स्पाइस जेट की सेवा शुरू हुई थी. लगातार अनियमित उड़ान के बाद कई महीने से कंपनी ने सेवा ठप कर रखी है. इससे संबंधित यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. खासकर आइटी सेक्टर, शिक्षा और व्यवसाय से जुड़े लोग बेंगलुरु की यात्रा के लिए पटना के रास्ते सफर कर रहे है. इससे उनका समय और खर्च दोनों बढ़ता है. नयी कंपनी की ओर से नये साल से बेंगलुरु के लिए विमान सेवा शुरू किये जाने से लोगों का फिर से राहत मिलने लगेगी.
वर्तमान में दरभंगा एयरपोर्ट से चार महानगरों के लिए सीधी विमान सेवा है. इसमें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और हैदराबाद शामिल है. इन रूटों पर यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है. बेंगलुरु जैसे प्रमुख महानगर के लिए फिर से सीधी उड़ान शुरू होना क्षेत्र के विकास की दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है. अकासा एयरलाइंस की प्रस्तावित बेंगलुरु सेवा से न केवल यात्रियों को सीधी और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा, बल्कि व्यापार, शिक्षा और रोजगार के अवसर और बेहतर होंगे. यह पहल दरभंगा एयरपोर्ट के विस्तार और मिथिला की कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा.
दरभंगा एयरपोर्ट पर अभी 11 घंटे का वाच आवर है. इस टाइमिंग को बढ़ाने के लिए हेड क्वार्टर को प्रस्ताव भी भेजा जा चुका है. प्रस्ताव स्वीकार हो जाने के बाद हवाई अड्डे का संचालन समय 12 घंटे हो जायेगा. इसके अलावा फरवरी से नाइट लैंडिंग की सुविधा भी शुरू हो जाने की उम्मीद की जा रही है. इससे और ज्यादा विमानों की आवाजाही संभव होगी. इससे कंपनियों को लुभाने करने में सहायता मिलेगी.








