बिहार में कोचिंग संस्थानों पर पुलिस की निगरानी; पंजीकरण और शिक्षक के लिए मानना होगा न‍ियम , नहीं तो होगी सख्त कार्रवाई

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

पटना में नीट छात्रा की मौत से उपजा विवाद अभी थम भी नहीं पाया था कि कोचिंग के छत से गिरकर एक छात्रा की मौत हो गई। दोनों घटनाओं को लेकर राजनीतिक विरोधियों ने सरकार के कार्यशैली को लेकर सवाल खड़ा करने में कोई कोर कसर नही छोड़ा।

 

विरोधियों के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए अब कोचिंग संचालकों को अपने संस्थान का रजिस्ट्रेशन कराना होगा। राज्य के सभी थाना प्रभारी अपने अपने जिले में संचालित कोचिंग संस्थान का पूरा ब्योरा रखेंगे। समय समय पर वे कोचिंग संस्थानों का सोशल ऑडिट भी करेंगे।

सख्त नियम पालन जरूरी

बिहार सरकार और शिक्षा विभाग ने राज्य में संचालित निजी कोचिंग संस्थानों पर नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए थे। सभी कोचिंग संस्थानों के लिए पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। साथ ही संस्थान के भवन में अग्निशमन व्यवस्था, सुरक्षित निकास, स्वच्छ पेयजल, शौचालय और पर्याप्त प्रकाश जैसी मूलभूत सुविधाएं होना जरूरी है।

कोचिंग का संचालन निर्धारित समय सारिणी के अनुसार ही किया जाएगा और स्कूल समय में कक्षाएं चलाने पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। शिक्षकों की योग्यता, छात्रों की उपस्थिति और शुल्क संबंधी जानकारी भी पारदर्शी ढंग से रखनी होगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित कोचिंग संस्थान पर जुर्माना, पंजीकरण रद्द करने तथा कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। शिक्षा विभाग का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य छात्रों के हितों की रक्षा, अभिभावकों का भरोसा बनाए रखना और शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन व गुणवत्ता सुनिश्चित करना है।

होगा सुरक्षा ऑडिट

थाना स्तरीय अधिकारियों को यह निर्देश दिया गया है कि वे समय समय पर कोचिंग संस्थानों में जाएंगे और सुरक्षा ऑडिट करेंगे। वे इस बात का भी मूल्यांकन करेंगे कि छात्रों की उपस्थिति बायोमेट्रिक पद्धति से बन रही है या नहीं। छात्रों की उपस्थिति उनके शैक्षणिक प्रदर्शन की सूचना अभिभावकों को दिए जाने के लिए संस्थान ने क्या मैकेनेजिम उपलब्ध करा रखा है।

 

थानाध्यक्षों को इसके लिए स्थानीय प्रशासनिक पदाधिकारियों से समन्वय स्थापित करने का भी निर्देश दिया है। कोचिंग संस्थानों को अपने रिशेप्शन पर संस्थान का रजिस्ट्रेशन नंबर प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया गया है। कोचिंग संचालकों को यह भी निर्देशित किया गया है कि वैसे व्यक्ति की सेवा ना ली जाय, जिसपर अपराध का मुकदमा दर्ज हो।

शिकायत पेटी रखना होगा

कोचिंग संस्थानों को छात्रों की शिकायत के लिए एक पेटी लगानी होगी। जो भी शिकायत प्राप्त होंगे, उसके लिए एक कमिटी बनाकर निदान किया जाएगा। कोचिंग में पढ़नेवाले छात्र और पढ़ानेवाले शिक्षकों को परिचय पत्र रखना अनिवार्य होगा। कोचिंग संस्थान में उच्च क्वालिटी का सीसीटीवी कैमरा लगाना होगा। उसके साथ ही सीसीटीवी कैमरे का 30 दिनों का बैकअप रखना होगा। इसकी जांच समय समय पर थानाध्यक्ष करेंगे।

दी जाएगी सूचना

पुलिसकर्मी इस बात पर भी नजर रखेंगे कि जो छात्र कोचिंग से लगातार गायब रहते हैं, उनकी सूचना संस्थान उनके अभिभावकों को दे। यदि छात्र का प्रदर्शन कोचिंग संस्थान द्वारा लिए गए टेस्ट में बेहतर नही रहता है तो इसकी भी जानकारी अभिभावकों को देनी होगी।

यदि कोई कोचिंग संस्थान छात्रों को आने-जाने के लिए परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराता है तो, वाहन के चालक और सह चालक का पुलिस वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। इन निर्देशों का पालन तत्काल प्रभाव से करने को कहा गया है।

Kaushal kumar
Author: Kaushal kumar

Leave a Comment

और पढ़ें