बिहार के समस्तीपुर जिले के सिंघिया प्रखंड अंतर्गत वारी पंचायत के दर्जनों गरीब परिवार अपनी समस्याओं को लेकर अंचल कार्यालय पहुंचे। लोगों का कहना है कि उन्हें पूर्व में सरकार की ओर से अनुदान के तहत जमीन दी गई थी, लेकिन बाद में कथित रूप से जमीन मालिकों ने उन्हें बेदखल कर जमीन वापस छीन ली।
पीड़ित ग्रामीणों ने बताया कि कई बार स्थानीय स्तर पर गुहार लगाने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका, जिसके बाद वे सामूहिक रूप से अंचल कार्यालय पहुंचकर न्याय की मांग करने को मजबूर हुए। ग्रामीणों ने प्रशासन से जमीन की पुनः बहाली की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि जमीन ही उनके जीवनयापन का मुख्य सहारा है। जमीन छिन जाने के बाद परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में प्रशासनिक हस्तक्षेप ही उनकी अंतिम उम्मीद बनी हुई है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी जल्दी जांच कर प्रभावित परिवारों को राहत दिला पाता है। स्थानीय लोगों की नजरें अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।








