अगर आपको बार बार गैस, ब्लोटिंग, अपच या कब्ज जैसी समस्याएं होती हैं तो इसका मतलब है कि आपका पाचन तंत्र कमजोर हो सकता है। कई लोगों का गट इतना सेंसिटिव होता है कि कुछ खास फूड्स खाने के बाद तुरंत पेट में परेशानी शुरू हो जाती है। ऐसे में डाइट का सही होना बेहद जरूरी है। आयुर्वेदिक हेल्थ कोच डिंपल जांगड़ा कुछ ऐसे फूड्स के बारे में बता रही हैं जिनका सेवन करने से पाचन क्षमता बेहतर होगी और कब्ज-गैस से आराम मिलेगा
गट हेल्थ के लिए इन चीजों को डाइट में करें शामिल
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A2 दूध का इस्तेमाल करें: सेंसिटिव गट अच्छी क्वालिटी वाले A2 दूध का इस्तेमाल करें। A2 दूध गाय के दूध का एक खास प्रकार है जिसमें केवल A2 बीटा-कैसीन प्रोटीन होता है।आम दूध के मुकाबले इसे पेट के लिए हल्का और पचाने में बहुत आसान माना जाता है। अगर आप विगन हैं तो काजू के दही का इस्तेमाल कर सकते हैं। काजू और घी, दोनों से ब्यूटायरिक एसिड मिलता है, जो कोलन की अंदरूनी परत की कोशिकाओं को पोषण देता है और गट बैरियर को मज़बूत बनाए रखने में मदद करता है।
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पेपरमिंट: पेपरमिंट इरिटेबल बाउल सिंड्रोम को कंट्रोल करने में फायदेमंद माना जाता है। इसमें मौजूद मेंथोल पेट की मांसपेशियों को आराम देता है और ऐंठन से राहत दिलाता है। पेपरमिंट के लिए आप हमेशा एंटरिक-कोटेड पेपरमिंट कैप्सूल का चुनाव करें क्योंकि यह पेट के बजाय सीधे आंतों पर असर करता है।
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बेल या एलोवेरा: डिंपल जांगड़ा कहती हैं कि बेल पेट की समस्याओं के लिए बेहतरीन आयुर्वेदिक उपाय है। यह आंतों की सूजन को कम करता है और पाचन क्रिया को सुधारता है। लेकिन अगर यह न मिले, तो रोज़ाना 20 एमएल ताज़ा एलोवेरा जूस पीने से पित्त शांत होता है और पेट की अंदरूनी परत को आराम मिलता है।
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कांजी (फर्मेंटेड चावल का पानी): चावल बनाते समय उसका उसका पानी निकाल लें और उस पानी में घी और नमक मिलाएं। इससे लैक्टिक एसिड बैक्टीरिया मिलते हैं जो पाचन और गट हेल्थ के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है और कोलन को शांत रखने में मदद करते हैं।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है)









