उत्तर प्रदेश के एसटीएफ (STF) ने कानपुर से एक शातिर गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो आईबीपीएस (IBPS) की भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा करा रहे थे। पकड़े गए आरोपियों में अवनीश यादव, आशीष कुमार, राहुल कुमार सिन्हा और अंकित सचान शामिल हैं। यह गिरोह पैसों के बदले दिव्यांग श्रेणी के अभ्यर्थियों के नाम पर फर्जी तरीके से खुद या दूसरे तेज-तर्रार लोगों को सहायक लेखक (स्क्राइब) बनाकर परीक्षा में बैठाता था और उन्हें नकल कराकर पास करवाने का काम करता था।
आरोपियों के पास मिले मोबाइल और कैश
एसटीएफ ने आरोपियों के पास से 5 मोबाइल, 4 आधार कार्ड, 3 पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट और बैंक के 2 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। इसके साथ ही एक आईपैड, एक वैगनआर कार, कुछ जाली दस्तावेज और 2750 नकद भी मिले हैं। पूछताछ के दौरान इस गिरोह के मास्टरमाइंड मनीष कुमार मिश्रा और बिहार के रहने वाले राजू गुप्ता के नाम सामने आए हैं। पुलिस ने आरोपियों पर सचेंडी थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है और मामले की आगे की जांच जारी है।
एसटीएफ मुख्यालय को मिली थी सूचना
एसटीएफ मुख्यालय की टीम को सूचना मिली थी कि 22 और 23 अगस्त 2026 को आयोजित ऑनलाइन प्रारंभिक परीक्षा (CRP PO/MT-XVI) में फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। सचेंडी थाना क्षेत्र के ‘ION Digital Zone IDZ’ भैला मऊ परीक्षा केंद्र पर 22 अगस्त की अंतिम पाली में दिल्ली और बिहार से आए पेशेवर सॉल्वर PWD श्रेणी के अभ्यर्थियों के स्थान पर फर्जी स्क्राइब (सहायक लेखक) बनकर परीक्षा दे रहे थे। सूचना मिलने के बाद पुलिस और सेंटर ऑब्जर्वर की मदद से परीक्षा खत्म होते ही संदिग्धों को रोककर पूछताछ की गई, जिसके बाद पर्याप्त सबूत मिलने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
आरोपियों के खिलाफ कानपुर नगर के सचेंडी थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं और यूपी के कड़े नकल विरोधी कानून (‘उ०प्र० सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम-2024’) के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस इस मामले में शामिल बाकी लोगों और साठगांठ करने वाले अभ्यर्थियों को पकड़ने के लिए आगे की कार्रवाई कर रही है।
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