चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार, तिब्बत में भूस्खलन के मलबे से बनी झील में पानी का स्तर फिर से बढ़ रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दोबारा कीचड़ या ज़मीन खिसकने (लैंडस्लाइड) का खतरा बना हुआ है।नेपाल और तिब्बत के बीच मुख्य ज़मीनी सीमा, ग्यारोंग पोर्ट के आस-पास बचाव कार्यों की ज़िम्मेदारी संभालने वाली टीम ने ढलानों पर नज़र रखने और आस-पास काम कर रहे बचाव कर्मियों को समय रहते चेतावनी देने के लिए ड्रोन तैनात किए हैं और निगरानी चौकियां बनाई हैं।
बीबीसी की खबर के मुताबिक स्थानीय पुलिस ने जो जानकारी दी है उसमें नेपाल में मरने वालों की संख्या बढ़कर 626 हो गई है। यह संख्या पिछली बार बताई गई 579 मौतों के मुकाबले काफ़ी ज़्यादा है, और अभी भी लगभग 2,000 लोग लापता हैं। वहीं सुबह 10 बजे से पहले दिए गए अपडेट के मुताबिक ने नेपाल पुलिस का कहना है कि नेपाल में मरने वालों की असल संख्या 616 है, न कि 626 जैसा कि पहले बताया गया था। चीन के सरकारी मीडिया ने पहले तिब्बत में सात लोगों की मौत की पुष्टि की थी। अगर इन आंकड़ों में कोई दोहराव नहीं है, तो मरने वालों की कुल संख्या कम से कम 623 हो जाएगी।
वहीं, मौसम में हो रहे बदलाव के बीच आपदा प्रभावित इलाकों में बचाव दल बचे हुए लोगों को खोजने की कोशिश कर रहे हैं। सड़क को फिर से खोलने का काम भी चल रहा है। नेपाल में आई भयानक बाढ़ के बाद लगभग 2,000 लोगों के लापता होने की खबरों के बीच, अंतरराष्ट्रीय सहायता एजेंसियों और कई सरकारों ने आपातकालीन राहत कार्यों को तेज़ कर दिया है।








