‘मैं बलि का बकरा बनी’, फिर बिफरीं तनुश्री दत्ता, बॉलीवुड के दिग्गजों पर साधा निशाना, बोलीं- कुछ राक्षस का अवतार हैं

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बॉलीवुड एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता भले ही बड़े पर्दे से दूर हैं, लेकिन सोशल मीडिया के जरिए अक्सर अपने फैंस से जुड़ी रहती हैं। तनुश्री पिछले दिनों अपनी शादी की बात को लेकर चर्चा में रहीं। उन्होंने एक पोस्ट शेयर किया था, जिसमें उन्होंने कहा कि उन्हें एक 90 साल के साधक ने बताया है कि वह दिसंबर में शादी के बंधन में बंधेंगी और एक बेटे की मां बनेंगी। अब तनुश्री दत्ता एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार एक्ट्रेस ने एक पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने इंडस्ट्री के दिग्गजों पर निशाना साधा है। तनुश्री ने एक पोस्ट शेयर किया है, जिसमें उन्होंने कहा कि ‘बॉलीवुड में दिग्गज का मतलब चालबाज है।’ उन्होंने सवाल उठाया है कि किसी का सिर्फ इसलिए सम्मान क्यों करना, क्योंकि वे उम्र में बड़े हैं। बॉलीवुड में अपने सफर को याद करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों का बिना-सोचे समझे सम्मान करने की जगह उनके कैरेक्टर को परखना चाहिए।

तनुश्री दत्ता का पोस्ट

तनुश्री दत्ता ने बॉलीवुड पर निशाना साधते हुए अपने पोस्ट में लिखा- ‘पनौती का मतलब अपशकुन या दुर्भाग्य लाने वाला होता है। कुछ लोग जहां भी जाते हैं, अपने साथ अपशकुन या दुर्भाग्य लाते हैं। बुरे लोगों को सजा मिलनी चाहिए, न कि समर्थन और न ही उनसे मेल-जोल से बढ़ावा दिया जाना चाहिए। नेताओं और प्रशासकों को अपने निजी मेल-जोल के लिए जिम्मेदारी लेनी चाहिए। महादेव ने मुझे इसी बारे में एक सपना दिखाया था! जब आप बहुत गलत लोगों या चीजों से जुड़ते हैं, तो सही चीजें नहीं हो सकतीं। यही वह बुरा संकेत और दुर्भाग्य है जो बुरी संगति के साथ आता है।’

बॉलीवुड में दिग्गज का मतलब चालबाज- तनुश्री दत्ता

तनुश्री अपने पोस्ट में आगे लिखती हैं- ‘जिसका आईडिया था, वो सब कुछ ले डूबा। कृपया, पता लगाएं कि ये आईडिया किसने दिया था। ये आईडिया जिसने भी दिया, वो देश का दुश्मन है। उसे पता था कि ऐसा होगा और उसके बाद सारी मदद वापस ले ली जाएगी। कुछ साल पहले इस पनौती ने मेरा चमचमाता करियर बर्बाद कर दिया। मुझे भी ये लगा था कि बुजुर्ग एक्टर है, कोई काम नहीं दे रहा, मदद कर देती हूं। लेकिन नहीं, बॉलीवुड में वेटेरन का मतलब है शातिर दिमाग, मंझा हुआ खिलाड़ी जो घाट-घाट का पानी पीकर सारी चालबाजी सीख चुका है, जिसको सारी मीडिया और लोगों को बहलाना आता है, ताकि वो अपने अपराधों और असली चरित्र को छुपा सकें। बॉलीवुड में दिग्गज की यही असली परिभाषा है। मैं सिर्फ बलि का बकरा बनी।’

मैंने एक बड़ा सबक सीखा- तनुश्री दत्ता

अभिनेत्री ने लोगों को सावधान करते हुए आगे लिखा- ‘कभी भी किसी व्यक्ति पर सिर्फ उनकी उम्र को देखते हुए भरोसा न करें। कुछ बहुत बुरे और नकारात्मक लोग होते हैं, जिनके मन में युवाओं के लिए बुरी और खतरनाक मंशा होती है वे भी ‘वेटरन’ की श्रेणी में आते हैं। ऐसे दिग्गज लोग युवा और सुविधा-संपन्न लोगों से नफरत करते हैं और उन्हें बर्बाद करने के लिए कुछ भी कर सकते हैं। बॉलीवुड में ऐसा बार-बार देखा गया है। आत्माओं और दिव्यता को पहचानें। राक्षस भी ‘वेटरन’ होते हैं!! कुछ इंसान राक्षसों और असुरों के अवतार होते हैं जिनका मकसद मानवता को गुमराह करना होता है। मैंने एक बड़ा सबक सीखा और अब मैं किसी को उम्र के हिसाब से नहीं, बल्कि चरित्र के हिसाब से सम्मान देती हूं।’

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