दिल्ली पुलिस मुख्यालय में मंगलवार को हाई लेवल मीटिंग हुई, जिसकी अध्यक्षता दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने की। दिल्ली में कानून व्यवस्था और जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन को लेकर इस मीटिंग में विस्तृत चर्चा हुई। इस मीटिंग में कई जिलों के डीसीपी और अलग-अलग यूनिट्स के अधिकारी शामिल थे।
दिल्ली पुलिस ने पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में 20 जुलाई की घटना की 22 जुलाई को डीडी जनरल डायरी एंट्री की थी जिसमे RAF के एक अफसर ने बताया था डीसीपी नार्थ के कहने पर भीड़ को कंट्रोल करने के लिए दंगा निरोधक हथियार इस्तेमाल करने के लिए कहा गया था। इस डीडी एंट्री के सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस अफसरों की मीटिंग मंगलवार को संपन्न हुई। जिन डीसीपी नार्थ के आदेश की बात RAF अधिकारी ने की है, डीसीपी और पुलिस अधिकारियों का कहना है डीसीपी नार्थ की ड्यूटी इस रूट पर नहीं थी बल्कि दूसरे रूट पर थी।
जनरल डायरी एंट्री पर हुई चर्चा
अब सवाल ये है जब 20 जुलाई का मामला था तो 22 जुलाई को जनरल डायरी एंट्री क्यो हुई और RAF वाले शख्स ने डीसीपी नार्थ का नाम क्यो लिया। लॉ एंड ऑर्डर और इस मुद्दे को लेकर भी अधिकारियों की बातचीत चल रही है। बता दें कि दिल्ली पुलिस 20 जुलाई से ही पैलेट गन के इस्तेमाल से मना कर रही है।
बता दें कि 20 जुलाई को दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन पर पुलिसिया कार्रवाई को लेकर कई तरह की चर्चाएं और आरोप सामने आए हैं। छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस के एक्शन की बात कोर्ट तक पहुंची और इसे लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर है।
विपक्ष ने सरकार से पूछा सवाल
विपक्ष का पूछना है कि शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किसके आदेश पर किया। विपक्ष का आरोप है कि छात्रों पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया। छात्राओं की पिटाई की गई, अभद्रता की गई। इसके कई वीडियो वायरल हैं। पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम की एक एक कड़ी को जोड़कर देख रही है।
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