इन्हीं सवालों पर अभिनेता विक्रांत मैसी ने हाल ही में अपनी बेबाक राय रखी है. उन्होंने एक्स पार्टनर के साथ दोस्ती को ‘रेड फ्लैग’ बताया और कहा कि जब आप किसी नए रिश्ते में पूरी ईमानदारी से आगे बढ़ना चाहते हैं, तो अतीत को वहीं छोड़ देना बेहतर होता है. इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि किसी गंभीर रिश्ते को छिपाकर रखना भरोसे को कमजोर करता है. विक्रांत की बातें केवल सेलिब्रिटी बयान नहीं हैं, बल्कि आधुनिक रिश्तों की उन चुनौतियों की ओर इशारा करती हैं, जिनका सामना आज का हर कपल किसी न किसी रूप में कर रहा है.
एक इंटरव्यू के दौरान जब विक्रांत मैसी से पूछा गया कि क्या एक्स पार्टनर के साथ दोस्ती बनाए रखना सही है, तो उन्होंने बिना झिझक इसे ‘रेड फ्लैग’ कहा. उनका मानना है कि जब जिंदगी में कोई नया रिश्ता शुरू होता है, तो पुराने रिश्तों को सम्मानपूर्वक पीछे छोड़ देना ही बेहतर होता है. उन्होंने बताया कि न तो वह अपने किसी एक्स के संपर्क में हैं और न ही उनकी पत्नी शीतल ठाकुर अपने पूर्व पार्टनर्स से जुड़ी हुई हैं. उनके मुताबिक, इससे मौजूदा रिश्ते में अनावश्यक उलझन और असुरक्षा की भावना पैदा होने से बचा जा सकता है.
हालांकि, रिश्तों को लेकर हर व्यक्ति का नजरिया अलग हो सकता है. कई लोग मानते हैं कि यदि पुराना रिश्ता स्वस्थ तरीके से खत्म हुआ हो, तो दोस्ती संभव है. वहीं कुछ लोगों के लिए यह भावनात्मक दूरी बनाए रखना आसान नहीं होता. ऐसे में सबसे अहम बात यह नहीं कि एक्स से दोस्ती है या नहीं, बल्कि यह है कि आपका मौजूदा पार्टनर उस स्थिति में कितना सहज महसूस करता है.
विक्रांत ने एक और अहम मुद्दे पर भी बात की. उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति लंबे समय से रिलेशनशिप में है, लेकिन उसे लगातार छिपाकर रखता है या सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं करता, तो यह रिश्ते में स्पष्टता की कमी को दिखाता है. उनके अनुसार, सच्चे रिश्ते में दिखावे से ज्यादा जरूरी है ईमानदारी और स्पष्टता. जब दोनों पार्टनर एक-दूसरे के प्रति खुलकर खड़े होते हैं, तभी भरोसा मजबूत होता है.
अगर विक्रांत की बातों को रिश्तों की सीख के तौर पर देखें, तो तीन बातें सबसे ज्यादा उभरकर सामने आती हैं-
पहली, रिश्ते में ईमानदारी और पारदर्शिता बनाए रखें.
दूसरी, अपने पार्टनर की भावनाओं और सीमाओं का सम्मान करें.
तीसरी, रिश्ते को लेकर भ्रम की स्थिति न बनाएं और अपने कमिटमेंट को स्पष्ट रखें.
आखिरकार, हर रिश्ता अलग होता है और उसके नियम भी अलग हो सकते हैं. लेकिन भरोसा, सम्मान, संवाद और पारदर्शिता ऐसे मूल्य हैं जो लगभग हर सफल रिश्ते की बुनियाद माने जाते हैं. विक्रांत मैसी की राय भी इसी ओर इशारा करती है कि मजबूत रिश्ता केवल प्यार से नहीं, बल्कि विश्वास और स्पष्टता से आगे बढ़ता है. ऐसे में यह हर कपल पर निर्भर करता है कि वे अपने रिश्ते के लिए कौन-सी सीमाएं और प्राथमिकताएं तय करते हैं, ताकि साथ का सफर लंबे समय तक सहज और मजबूत बना रहे.








