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Why Do Shut Eyes While Kissing: रोमांटिक जीवन में पार्टनर के साथ ‘किस’ करना एक आम चलन है. हम सब ऐसा करते हैं. लेकिन क्या कभी आपने गौर किया है कि जब आप किस करते हैं तो आमतौर पर आपकी आंखें बंद हो जाती है. यह सबके साथ नहीं होता लेकिन अधिकांश लोग ऐसा करते हैं. खासकर लड़कियां. कभी सोचा है इसका कारण क्या है. वास्तव में इसके गहरे मनोवैज्ञानिक संकेत होते हैं. आइए जानते हैं.
किस करते समय आंखें क्यों बंद हो जाती है.
Why Do Shut Eyes While Kissing: ‘किस’ या चुंबन प्रेम की वो अंतरंग भावनाओं का ज्वार है जिसमें दो व्यक्ति एक-दूसरे के गहरे अंतर्मन में उतरना चाहता है. यह बिना एक शब्द कहे दूसरे की भावनाओं में उतरने का प्रकटीकरण है. इसमें भावनात्मक जुड़ा, सुरक्षा और अपनेपन की जुनूनी चाह होती है. अगर मनोवैज्ञानिक रूप से देखें तो यह केवल एक शारीरिक क्रिया नहीं, बल्कि बिना शब्दों के स्नेह, सम्मान और आकर्षण को व्यक्त करने का सशक्त माध्यम है. किस करने के दौरान व्यक्ति खुद को समर्पित कर देता है और उस वक्त आमतौर पर आंखें भी बंद हो जाती है. क्या कभी सोचा है कि ये आंखें बंद क्यों हो जाती है. चाहे वह एक हल्का सा चुंबन ही क्यों न हो या कोई रोमांटिक पल, आंखें बंद करना लगभग स्वाभाविक लगता है लेकिन इस आम आदत के पीछे एक मनोवैज्ञानिक वैज्ञानिक कारण है.
खुली आंखें ध्यान भटकाती हैं
जब हमारी आंखें खुली होती है तो हम चारों ओर कई तरह की चीजों को देखते हैं. इन चीजों से हमारी इंद्रियां लगातार जानकारी ग्रहण करती रहती है. चाहे उसे हम देखें, सुनें या महसूस करें. जब आंखें खुली होती हैं तो हमारा मस्तिष्क आसपास के दृश्य विवरणों को स्टोर करने में व्यस्त रहता है. इससे हमारा ध्यान कई तरफ रहता है. हम किसी एक चीज पर फोकस नहीं कर नहीं पाते. इस स्थिति में हमारा ध्यान भटकता रहता है. दूसरी किस करना बेहद अंतरंग मामला होता. यही कारण है कि अधिकांश लोग चुंबन करते समय अपनी आंखें बंद कर लेते हैं ताकि ध्यान सिर्फ और सिर्फ चुंबन में हो और कहीं भी भटकाव न हो. इससे मस्तिष्क में ऑक्सीटोसिन यानी लव हार्मोन, डोपामाइन और एंडोर्फिन जैसे रसायनों का स्राव होता है. ये हार्मोन एक खास तरह का मानसिक सुकून देते हैं. इससे आपसी विश्वास मजबूत होता है. अंतर्मन में यह भावना साथी के साथ एक होने का भाव पैदा करता है. आंखें बंद करने से दृश्य जानकारी कम हो जाती है. इस कारण हमारा मस्तिष्क चुंबन की शारीरिक संवेदनाओं जैसे स्पर्श, गर्माहट और भावनाओं पर अधिक ध्यान दे पाता है. सरल शब्दों में कहें तो, यह आपको वर्तमान क्षण में बने रहने में मदद करता है.
बंद आंखें चुंबन का बेहतर अनुभव देती है
यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि जब हमारी आंखें खुली होती है तो हमारा ध्यान दृश्य की ओर जाता है. इससे हम अपने आसपास के वातावरण को सक्रिय रूप से ग्रहण कर रहे होते हैं. ऐसी स्थिति में हम स्पर्श की अनुभूति को समझने में कठिनाई महसूस करते हैं. इसलिए हमारी स्पर्श इंद्रिय थोड़ी कम संवेदनशील हो जाती है. इसका सीधा मतलब यह हुआ कि जब आंखें बंद करके चुंबन लेते हैं तो अपने मस्तिष्क को चुंबन का बेहतर अनुभव करने के लिए आजाद कर देते हैं. इससे यह अधिक अर्थपूर्ण और आनंददायक लगता है. इससे अपने साथी से जुड़ना और उनकी भावनाओं पर ध्यान केंद्रित करना आसान लगता है. कई जोड़ों के लिए इससे पल अधिक व्यक्तिगत और यादगार बन जाता है.
आंखें बंद करने का सरल कारण
आंखें बंद कर चुंबन लेने का एक और सरल कारण है. चुंबन के दौरान आंखें खुली रखना अजीब या असहज भी लग सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि हमारी संस्कृति भी इसमें भूमिका निभाती है. फिल्मों, किताबों और टेलीविजन में अक्सर बंद आंखों से किए गए रोमांटिक चुंबन दिखाए जाते हैं. समय के साथ लोग अवचेतन रूप से बंद आंखों को स्नेह, विश्वास और रोमांस से जोड़ लेते हैं, जिससे यह व्यवहार लगभग स्वतः स्फूर्त लगने लगता है. हालांकि जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति आंखें बंद कर ही चुंबन लें. खासकर पहले चुंबन या शरारती पलों के दौरान कुछ लोग आंखें खोलकर चुंबन लेते हैं.
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18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …
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