जब भी दुनिया के किसी देश में लोग घूमने जाते हैं तो वहां की इमारतों और घरों को देखकर उन्हें आश्चर्य होता है। ऐसे में लोग उस देश की रियल एस्टेट स्थिति और भी करीने से समझते हैं। कनाडा के चौड़े फुटपाथों और हरे-भरे सार्वजनिक पार्कों को दर्शाने वाले एक वायरल वीडियो में एक भारतीय प्रॉपर्टी एक्सपर्ट अरुण प्रकाश ने शहरी निवासियों से एक सवाल पूछा: भारतीय रियल एस्टेट में कुछ बुनियादी सुविधाओं को विलासिता की वस्तु क्यों माना जाता है? बता दें कि, उनके सोशल मीडिया बायो में लिखा है कि वे पिछले 20 वर्षों से दिल्ली-NCR में रियल एस्टेट एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं।
इंस्टाग्राम पर दिखाई कनाडा की तस्वीर
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @the.experiencedrealtor नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो में उन्होंने कहा कि, ‘मैं कनाडा में एक हफ्ते से थोड़ा ज्यादा समय से हूं और एक बात मुझे बहुत प्रभावित कर गई है। गुड़गांव और अन्य शहरों की हमारी प्रीमियम गेटेड कम्युनिटीज़ में मिलने वाली अधिकांश सुविधाएं यहां रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा हैं।’ इसके बाद वीडियो में बच्चों के लिए सुंदर खेल के मैदान, चौड़े फुटपाथ, खेल सुविधाएं और सामुदायिक सभा स्थल दिखाए गए हैं जो सभी के लिए खुले हैं। इन सब बातों से पड़ोस घर का ही एक हिस्सा लगने लगता है। इस अनुभव ने मुझे यह सोचने पर भी मजबूर कर दिया कि गुड़गांव किस दिशा में आगे बढ़ रहा है।’
बताया किस पायदान पर है भारत
वे आगे कहते हैं, ‘हालांकि सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और सामुदायिक स्थानों के मामले में हमें अभी लंबा रास्ता तय करना है, लेकिन यह देखकर खुशी होती है कि हमारी कई नई परियोजनाओं में पैदल चलने की सुविधा पर अधिक जोर दिया जा रहा है और ऐसे सामुदायिक स्थान बनाए जा रहे हैं जहां लोग वास्तव में समय बिताना पसंद करते हैं। और अगला कदम उन्हें शहर का ही हिस्सा बनाना है।’ उन्होंने लिखा कि, ‘कभी-कभी, सबसे अच्छी सुविधाएं परियोजना के अंदर नहीं होती हैं, बल्कि वे पड़ोस का ही हिस्सा होती हैं।’
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
इस वीडियो को देखने के बाद कई यूजर्स ने इस पर प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने लिखा कि, ‘ताजी हवा में ही सैर की जा सकती है। गुड़गांव की ये सुविधाएं तो बस दिखावा हैं।’
दूसरे ने लिखा कि, ‘कनाडा में, हर बच्चे को, चाहे उनके माता-पिता कहीं भी रहते हों, पार्क, हरियाली और ताज़ी हवा मिलती है। यहां यह विलासिता नहीं बल्कि एक बुनियादी ज़रूरत है।’
तीसरे व्यक्ति ने कहा, ‘भारत में इस तरह की जीवनशैली जीने के लिए किसी को बेहद अमीर होना चाहिए। वहीं दूसरी ओर, विकसित देशों में ये सुविधाएं आम बात हैं। मैं तो यही चाहूंगा कि ये सुविधाएं दुनिया भर के आम आदमी को भी मिलें।’ इस पर अरुण प्रकाश ने जवाब दिया, ‘हां, मुझे भी ऐसा ही लगा। और इसी से मुझे यह पोस्ट लिखने की प्रेरणा मिली।’
चौथे व्यक्ति ने लिखा, ‘यह लोगों के बारे में है, सरकार के बारे में नहीं। भले ही सरकार ये सुविधाएं प्रदान करे लोग उन्हें बर्बाद कर देंगे।’ इस पर अरुण प्रकाश ने जवाब दिया, ‘यह बहुत ही सटीक टिप्पणी है। टिप्पणी करने के लिए समय निकालने के लिए धन्यवाद।’
गौरतलब है कि, इससे पहले गुरुग्राम और कनाडा के ट्रैफिक की तुलना का वीडियो वायरल हुआ था।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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