पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग और नागरिकों की मौत को लेकर जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक नेताओं ने चिंता जताई है। जम्मू-कश्मीर की मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टियों और दूसरे नेताओं ने PoK के हालात की कड़ी निंदा की है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती से लेकर अलगाववादी नेताओं तक सभी इस बात पर सहमत हैं कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ जानलेवा बल का इस्तेमाल मंजूर नहीं है। मालूम हो कि पाकिस्तानी सेना ने PoK में प्रदर्शनकारियों में शामिल 30 लोगों की जान ले ली है।
मुफ्ती ने PoK के हालात पर जताया दुख
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने बुधवार को PoK में आम नागरिकों की हत्या पर केंद्र सरकार की चुप्पी की कड़ी आलोचना की। अब PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भी PoK के हालात पर गहरा दुख जताया है और बातचीत की अपील की है।
PoK से आ रहीं दिल दहला देने वाली तस्वीरें- मुफ्ती
मुफ्ती ने कहा, ‘LoC के उस पार कश्मीर के दूसरे हिस्सों से आ रही तस्वीरें दिल दहला देने वाली हैं। शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बेरहमी से बल का इस्तेमाल होते देखना दुखद है। पाकिस्तान सरकार को ज्यादा मानवीय रवैया अपनाना चाहिए और बल के बजाय बातचीत का रास्ता चुनना चाहिए।’
सरकार की चुप्पी पर फारूक अब्दुल्ला ने उठाए सवाल
वहीं, नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने PoK में आम नागरिकों की मौत पर चिंता जताई और केंद्र सरकार की कथित चुप्पी पर सवाल उठाए। इस मामले में जल्द ही इस मामले में बात करने की अपील की है।
बेगुनाह नागरिकों को निशाना बनाना बंद करे पाक सरकार
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि PoK में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बेरहमी से बल इस्तेमाल किए जाने की खबरें बहुत चिंताजनक हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि बेगुनाह नागरिकों को निशाना बनाना बंद होना चाहिए और उम्मीद जताई कि इस इलाके में भी जल्द ही शांति लौटेगी।
सम्मान, न्याय और शांतिपूर्ण विरोध के हकदार
जम्मू-कश्मीर की सभी पार्टियों के नेताओं ने इस बात पर जोर दिया है कि इस इलाके के लोग सम्मान, न्याय और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार के हकदार हैं। उन्होंने मांग की है कि पाकिस्तान दमन के जरिए लोगों की आवाज दबाने के बजाय कार्रवाई बंद करे। पाकिस्तान अपने नागरिकों की जायज शिकायतों का समाधान करे।
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