ऑफिस में आपने देखा होगा कि कई एम्प्लॉई देर रात तक भी काम करते रहते हैं। ऐसे लोग आमतौर पर जिम्मेदारी और अगले दिन समय की बचत करने के उद्देश्य से ऐसा करते हैं। मगर, कई बार उनके ही साथियों को इस बात से आपत्ति होती है। ऐसा ही एक मामला इन दिनों चर्चा में आया है जिसमें ब्रिटेन के एक वरिष्ठ डेवलपर ने इसे बर्नआउट का संकेत माना। दरअसल, ये उस वक्त हुआ जब एक भारतीय तकनीशियन समय के अंतर के बावजूद देर रात तक फीडबैक का जवाब देता रहा। इस पर वरिष्ठ इंजीनियर ने उसे सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उसने लॉग ऑफ नहीं किया तो वह उसके मैनेजर को फोन कर देगा।
एक्स पर शेयर किया किस्सा
इस पोस्ट को एक्स पर @Om_Codes_ नामक हैंडल से शेयर किया गया है। पोस्ट में बताया गया कि, ‘मैं इंग्लैंड के एक वरिष्ठ डेवलपर के साथ काम करता हूं। समय के अंतर के कारण जब भी वह मेरे पीआर की समीक्षा करते और टिप्पणी करते इस पर मैं तुरंत जवाब देता था। चाहे भारत में रात के 9 या 10 बज रहे हों।’ उस तकनीशियन ने आगे बताया, “एक दिन उसने देखा और मुझसे पूछा, ‘रुको… क्या तुम अपने काम के घंटों से ज़्यादा काम कर रहे हो?’ मैंने कहा, ‘हां, लेकिन कोई बात नहीं।’ उसने मुझे कई बार चेतावनी दी। लेकिन मैं फिर भी जवाब देता रहा।” हालांकि, तभी एक सहकर्मी ने हस्तक्षेप करते हुए स्पष्ट कर दिया कि तकनीशियन को काम के घंटों के बाद काम नहीं करना चाहिए। लिखा गया कि, “फिर एक दिन उसने कहा ‘अगर तुमने भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे के बाद मेरे कमेंट्स का जवाब दिया, तो मैं पूरे एक हफ्ते तक तुम्हारी पीआर की समीक्षा नहीं करूंगा।’ फिर उसने आगे कहा, ‘क्या मैं तुम्हारे मैनेजर से बात करूं?’ अब मैं जानबूझकर जवाब देने से पहले अगले दिन तक इंतजार करता हूं।”
पर्सनल लाइफ को प्राथमिकता
पोस्ट में कहा गया कि, “मैं अब भी कभी-कभी काम कर लेता हूँ… लेकिन हां, इससे मुझे एहसास हुआ कि वे काम के अलावा अपनी निजी जिंदगी को भी कितनी अहमियत देते हैं। मेरी निजी जिंदगी और काम के बीच संतुलन की उन्हें मुझसे ज़्यादा परवाह थी, जो सच में बहुत अच्छा लगा।”
यूजर्स ने दी प्रतिक्रिया
इस पोस्ट पर कई यूजर्स ने प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने लिखा कि, ‘शुक्रवार को जब मैंने एक पीआर (सार्वजनिक सूचना) तैयार की, तो मेरे रोमानियाई सहकर्मी ने मुझे लैपटॉप बंद करने को कहा। उस दिन मुझे समझ आया कभी भी किसी भारतीय कंपनी या मैनेजर के लिए काम न करें।’
दूसरे यूजर ने लिखा कि, ‘मुझे यूके में भी ऐसा ही अनुभव हुआ था। एक बार मेरे मैनेजर ने मुझे काम खत्म होने के बाद जल्दी घर भेज दिया और कहा कि जाओ दिन का आनंद लो। यह मेरे लिए बिल्कुल नया अनुभव था।’
तीसरे यूजर ने लिखा कि, ‘हां, मेरी मैनेजर लीड्स से हैं। जब वह सोमवार शाम को भारतीय समयानुसार साप्ताहिक मीटिंग की योजना बना रही थीं, तो उन्होंने मुझसे दो बार पूछा और कहा कि अगर मैं कॉल मिस कर दूं तो कोई बात नहीं, क्योंकि मेरे समय के अनुसार तब तक काफी देर हो चुकी होगी। फिर भी मैं मीटिंग में शामिल हो जाता हूँ क्योंकि इतनी देर नहीं होती और मैं घर पहुँचकर मीटिंग में भाग ले सकता हूं।’
चौथे यूजर ने लिखा कि, ‘काश मैं भी ऐसे लोगों के साथ काम कर पाता।’
गौरतलब है कि, इससे पहले एक शख्स ने अमेरिका में एक करोड़ रुपये के पैकेज की सच्चाई भी बताई थी जिसका वीडियो काफी वायरल हुआ था।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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