CWG 2026 में पैरा एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों का जलवा, शॉटपुट में सोमन को मिला गोल्ड, जुयाल ने जीता सिल्वर

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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का 10वां दिन भारतीय एथलीट के लिए शानदार रहा है। इस दिन भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक तीन गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिए हैं। भारत को दो गोल्ड मेडल बॉक्सिंग में और तीसरा गोल्ड पैरा एथलेटिक्स में शॉटपुट में मिला है। भारत को पैरा एथलेटिक्स में दोहरी सफलता मिली है। सोमन राणा ने गोल्ड मेडल जीता, वहीं शुभम जुयाल ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। भारत इस कॉमनवेल्थ गेम्स में अब तक 8 गोल्ड मेडल जीत चुका है।

शॉट पुट में कैसा रहा सोमन और शुभम का प्रदर्शन

 

भारतीय पैरा-एथलीट सोमन राणा ने राष्ट्रमंडल खेलों के F57 शॉट पुट (गोला फेंक) इवेंट में अपने दूसरे प्रयास में 13.40 मीटर का थ्रो करके गोल्ड मेडल अपने नाम किया, जबकि भारत के ही शुभम जुयाल दूसरे स्थान पर रहे।  सोमन ने 13.40 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ पहला स्थान हासिल किया। हालांकि, उनका पहला प्रयास (13.38 मीटर) ही गोल्ड मेडल जीतने के लिए काफी था, फिर भी उन्होंने दूसरे प्रयास में 13.40 मीटर का और बेहतर प्रदर्शन किया। दूसरी ओर, शुभम जुयाल ने अपने छठे और आखिरी प्रयास में 13.28 मीटर का थ्रो फेंककर सिल्वर मेडल जीता।

भारतीय सेना में सेवा दे चुके सोमन पहले एक मुक्केबाज थे, लेकिन 2006 में हुए एक बारूदी सुरंग (लैंडमाइन) हादसे के बाद उन्होंने पैरा-एथलेटिक्स को अपनाया। वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य और एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने के बाद, अब उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में भी गोल्ड जीतकर देश का नाम रोशन किया है। दूसरे स्थान पर रहने के साथ ही शुभम ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया है।

सोमन के नाम जुड़ा ये खास रिकॉर्ड

सोमन F57 में गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में यह पहला मौका है जब भारत ने F57 वर्ग में एक साथ दो पदक जीते हैं। इस बार के खेलों में यह चौथी बार हुआ है जब दो भारतीयों ने एक ही स्पर्धा में मेडल अपने नाम किए हों। इससे पहले महिलाओं के शॉट पुट F57 (शर्मिला ढाका – गोल्ड, शिल्पा शैला – ब्रॉन्ज), पुरुषों की 100 मीटर T47 दौड़ (दिलीप गावित – गोल्ड, मोहम्मद बासिल – सिल्वर), पुरुषों की भाला फेंक (नीरज चोपड़ा – सिल्वर, यशवीर सिंह – ब्रॉन्ज) और पुरुषों की ट्रिपल जंप (प्रवीण चित्रावेल – सिल्वर, सेल्वा प्रभु – ब्रॉन्ज) में भी भारत के दो-दो एथलीटों ने एक साथ पदक जीते हैं।

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