First Delivery Traditions: पहली डिलीवरी मायके में ही क्यों करवाई जाती थी? वजह जानेंगे तो कहेंगे- पुराने लोग सच में दूर की सोचते थे!

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भारतीय परिवारों में लंबे समय से पहली डिलीवरी मायके में करवाने की परंपरा चली आ रही है. इसके पीछे सिर्फ रीति-रिवाज नहीं, बल्कि गर्भवती महिला की देखभाल, मानसिक सहारे और आराम से जुड़ी कई वजहें मानी जाती थीं. माना जाता था कि मां के पास रहने से बेटी खुद को ज्यादा सेफ महसूस करती है, खासकर पहली बार मां बनने के दौरान.

भारतीय परिवारों में लंबे समय से एक बात अक्सर सुनने को मिलती है कि पहली डिलीवरी मायके में ही होनी चाहिए. आज भी कई घरों में इस परंपरा को काफी महत्व दिया जाता है. इसके पीछे सिर्फ रीति-रिवाज ही नहीं, बल्कि एक भावनात्मक और व्यावहारिक सोच भी जुड़ी हुई है.

पहली प्रेग्नेंसी हर महिला के लिए एक नया अनुभव होती है. इस दौरान शरीर में कई बदलाव आते हैं और मन में डर, घबराहट और कई सवाल भी होते हैं. ऐसे समय में मां के साथ रहने से महिला खुद को ज्यादा सेफ महसूस करती है.

मां अपनी बेटी की आदतों, पसंद-नापसंद और सेहत के बारे में अच्छी तरह जानती है, इसलिए उसकी देखभाल भी ज्यादा अच्छे से कर पाती है. यही वजह थी कि पहले लोग पहली डिलीवरी मायके में करवाना बेहतर मानते थे.

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पुराने समय में अस्पताल और मेडिकल सुविधाएं हर जगह आसानी से उपलब्ध नहीं होती थीं. उस दौर में घर के बड़े-बुजुर्गों का अनुभव ही सबसे बड़ा सहारा माना जाता था. गर्भवती महिला को क्या खिलाना चाहिए, किस तरह आराम करवाना चाहिए और डिलीवरी के बाद शरीर की देखभाल कैसे करनी है, ये सब बातें मां और दादी जैसी महिलाएं अपने अनुभव से संभालती थीं.

डिलीवरी के बाद महिला का शरीर काफी कमजोर हो जाता है. उस समय उसे अच्छे खानपान, आराम और भावनात्मक सहारे की जरूरत होती है. मायके में बेटी बिना झिझक अपनी परेशानी बता सकती है और उसे ज्यादा अपनापन महसूस होता है. बच्चे की देखभाल में भी मायके वाले पूरा सहयोग करते थे, जिससे नई मां को थोड़ा आराम मिल जाता था और वह जल्दी रिकवर कर पाती थी.

पहली बार मां बनने वाली महिलाओं को नवजात बच्चे की देखभाल का ज्यादा अनुभव नहीं होता. बच्चे को कैसे संभालना है, कब दूध पिलाना है या उसे सुलाने जैसी छोटी-छोटी बातें भी शुरुआत में मुश्किल लग सकती हैं. ऐसे में मां या घर की अनुभवी महिलाएं नई मां का आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करती थीं.

हालांकि आज समय काफी बदल चुका है. अब लोग नौकरी, शहरों में रहने और बेहतर मेडिकल सुविधाओं की वजह से अपनी सुविधा के अनुसार डिलीवरी करवाते हैं. कई महिलाएं पति के साथ दूसरे शहर में रहकर डिलीवरी करवाती हैं, तो कई अपने ससुराल में ही आराम से रहती हैं.

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