क्या होता है ‘Alpine Divorce’? सोशल मीडिया पर वायरल इस शब्द से आखिर क्यों डरी हुई हैं दुनिया भर की महिलाएं?

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प्रिया (बदला हुआ नाम) के लिए पहाड़ों की वह यात्रा एक ऐसा मानसिक घाव बन गई, जिसे वह आज भी नहीं भुला पाई हैं. पांच साल पहले, प्रिया अपने पार्टनर के साथ ट्रैकिंग पर गई थीं. खराब तबीयत के कारण प्रिया की रफ्तार धीमी थी, जिससे उनके पार्टनर को चिड़चिड़ाहट होने लगी. वह प्रिया को दुर्गम रास्ते पर अकेला छोड़कर तेजी से आगे निकल गया. चोटी पर पहुंचने के बाद, वह नीचे उतरते समय एक अजनबी महिला के साथ चला गया और प्रिया को फिर से अकेला छोड़ दिया.

इस अपमान के बाद उनका रिश्ता खत्म हो गया. पिछले महीने जब प्रिया ने सोशल मीडिया पर ‘Alpine Divorce’ शब्द सुना, तो उन्हें अहसास हुआ कि सालों पहले पहाड़ों में जो उनके साथ हुआ, वह केवल एक ‘बुरा अनुभव’ नहीं था, बल्कि एक ऐसा ट्रेंड था जिससे आज दुनिया भर की महिलाएं खुद को जोड़कर देख रही हैं.

क्या है ‘अल्पाइन डिवोर्स’ का मतलब(Alpine Divorce meaning)?
‘अल्पाइन डिवोर्स’ का मतलब कोई कानूनी तलाक नहीं है. दरअसल, यह एक ऐसी स्थिति को दर्शाता है जहां एक पुरुष अपने पार्टनर (पत्नी या प्रेमिका) को किसी ऊंचे पहाड़, खतरनाक ट्रेक या किसी दुर्गम स्थान पर ले जाता है और वहां उसे अकेला छोड़ देता है या उसकी सुरक्षा की परवाह किए बिना उसे ऐसी स्थिति में डाल देता है जहां उसकी जान को खतरा हो. सरल शब्दों में कहें तो, यह पार्टनर द्वारा दी जाने वाली ऐसी ‘सजा’ या ‘प्रताड़ना’ है, जिसमें दुर्गम रास्तों पर महिला की शारीरिक क्षमता से ज्यादा उसे धक्का दिया जाता है या उसे बीच रास्ते में असहाय छोड़ दिया जाता है.

क्यों डरी हुई हैं महिलाएं?
सोशल मीडिया पर कई महिलाओं ने अपनी डरावनी आपबीती साझा की है. The Independent और The Guardian की रिपोर्ट्स के अनुसार, इस शब्द ने तब तूल पकड़ा जब कई महिला हाइकर्स ने बताया कि कैसे उनके पार्टनर ने पहाड़ों पर चढ़ते समय उनकी थकान या डर का मजाक उड़ाया या उन्हें खतरनाक रास्तों पर अकेला छोड़कर आगे बढ़ गए.

रिलेशनशिप रेड फ्लैग:
महिलाओं के लिए खतरा:
पहाड़ों पर मोबाइल नेटवर्क नहीं होता और रास्ता भटकने या चोट लगने का डर रहता है. ऐसे में साथी का साथ छोड़ना जानलेवा हो सकता है.

इमोशनल एब्यूज: इसे एक तरह का मानसिक टॉर्चर माना जा रहा है, जहाँ पुरुष अपनी शारीरिक श्रेष्ठता (Physical Superiority) दिखाने की कोशिश करते हैं.

विश्वासघात: जिस साथी के भरोसे आप एक एडवेंचर पर निकले हैं, वही आपको बीच रास्ते में छोड़ दे, तो यह गहरे मानसिक सदमे का कारण बनता है.

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सोशल मीडिया पर क्यों छिड़ी है बहस?
टिकटॉक पर कई क्रिएटर्स ने इस पर वीडियो बनाकर चेतावनी दी है कि अगर आपका पार्टनर हाइकिंग के दौरान आपकी स्पीड का ख्याल नहीं रखता या आपको पीछे छोड़कर गायब हो जाता है, तो यह ‘अल्पाइन डिवोर्स’ का संकेत है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह व्यवहार असल में पार्टनर की कंट्रोलिंग पर्सनैलिटी और सहानुभूति की कमी को दर्शाता है. कई महिलाओं का कहना है कि यह केवल पहाड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रतीक है कि मुश्किल समय में आपका साथी आपका साथ देगा या नहीं.

एडवेंचर या रेड फ्लैग
पहाड़ों की चढ़ाई हमें टीम वर्क और आपसी सहयोग सिखाती है. लेकिन ‘अल्पाइन डिवोर्स’ जैसे मामले यह बताते हैं कि कभी-कभी एडवेंचर के नाम पर रिश्तों में असुरक्षा और ईगो (Ego) हावी हो जाता है. अगर आप भी अपने पार्टनर के साथ किसी ट्रिप पर जाने का प्लान बना रही हैं, तो यह सुनिश्चित करना ज़रूरी है कि आपका साथी आपकी सीमाओं का सम्मान करे.



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