हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के लक्षणों में क्या है अंतर, 5 पॉइंट में समझिए

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Published : Aug 03, 2026 01:48 pm IST,  Updated : Aug 03, 2026 01:48 pm IST

डॉक्टर समीर गुप्ता,(FSCAI, FACC, FACP, सीनियर इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट, ग्रुप कैथ लैब निदेशक, मेट्रो अस्पताल) ने बताया कि हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट एक जैसी स्थिति नहीं हैं। हार्ट अटैक में हृदय तक रक्त पहुंचाने वाली धमनियों में रुकावट आती है, जबकि कार्डियक अरेस्ट में हृदय अचानक धड़कना बंद कर देता है।

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डॉक्टर समीर गुप्ता,(FSCAI, FACC, FACP, सीनियर इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट, ग्रुप कैथ लैब निदेशक, मेट्रो अस्पताल) ने बताया कि हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट एक जैसी स्थिति नहीं हैं। हार्ट अटैक में हृदय तक रक्त पहुंचाने वाली धमनियों में रुकावट आती है, जबकि कार्डियक अरेस्ट में हृदय अचानक धड़कना बंद कर देता है।
लक्षणों में भी अंतर होता है। हार्ट अटैक में सीने में दर्द, दबाव, सांस फूलना और पसीना आना आम है। कार्डियक अरेस्ट में व्यक्ति अचानक बेहोश होकर गिर जाता है और उसकी नाड़ी और सांस रुक सकती है।

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लक्षणों में भी अंतर होता है। हार्ट अटैक में सीने में दर्द, दबाव, सांस फूलना और पसीना आना आम है। कार्डियक अरेस्ट में व्यक्ति अचानक बेहोश होकर गिर जाता है और उसकी नाड़ी और सांस रुक सकती है।
हार्ट अटैक कभी-कभी कार्डियक अरेस्ट का कारण बन सकता है, लेकिन हर हार्ट अटैक कार्डियक अरेस्ट में नहीं बदलता। कार्डियक अरेस्ट में इंसान की सांस, धड़कन और नाड़ी एकदम से बंद हो जाती है, इसमें सीपीआर दिया जाना काफी असरदार साबित होता है।

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हार्ट अटैक कभी-कभी कार्डियक अरेस्ट का कारण बन सकता है, लेकिन हर हार्ट अटैक कार्डियक अरेस्ट में नहीं बदलता। कार्डियक अरेस्ट में इंसान की सांस, धड़कन और नाड़ी एकदम से बंद हो जाती है, इसमें सीपीआर दिया जाना काफी असरदार साबित होता है।
इलाज का तरीका अलग होता है। हार्ट अटैक में जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचकर ब्लॉकेज खोलना जरूरी होता है, जबकि कार्डियक अरेस्ट में तुरंत CPR और यदि उपलब्ध हो तो AED यानि ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर का उपयोग जान बचाई जा सकती है।

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इलाज का तरीका अलग होता है। हार्ट अटैक में जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचकर ब्लॉकेज खोलना जरूरी होता है, जबकि कार्डियक अरेस्ट में तुरंत CPR और यदि उपलब्ध हो तो AED यानि ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर का उपयोग जान बचाई जा सकती है।
हार्ट अटैक हो या कार्डियक अरेस्ट, समय पर पहचान और तुरंत उपचार सबसे महत्वपूर्ण है। सीने में दर्द या अचानक बेहोशी जैसे लक्षणों को कभी नजरअंदाज न करें। जितनी जल्दी इलाज शुरू होगा, मरीज के बचने और पूरी तरह स्वस्थ होने की संभावना उतनी अधिक होगी।

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हार्ट अटैक हो या कार्डियक अरेस्ट, समय पर पहचान और तुरंत उपचार सबसे महत्वपूर्ण है। सीने में दर्द या अचानक बेहोशी जैसे लक्षणों को कभी नजरअंदाज न करें। जितनी जल्दी इलाज शुरू होगा, मरीज के बचने और पूरी तरह स्वस्थ होने की संभावना उतनी अधिक होगी।





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