3 लाख में नाबालिग का किया सौदा, फर्जी शादी के नाम पर की मानव तस्करी, इंदौर पुलिस ने गिरोह का किया खुलासा

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इंदौर पुलिस ने मानव तस्करी के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की नाबालिग बालिकाओं को अमीर बनने और जल्दी पैसा कमाने का लालच देकर उनकी फर्जी शादी कराता था। पुलिस जांच में सामने आया है कि एक नाबालिग बालिका की शादी के बदले करीब तीन लाख रुपये का लेन-देन किया गया था। मामले में कई और नाबालिग लड़कियों तथा युवतियों की फर्जी शादियां कराए जाने की आशंका जताई जा रही है, जिसके चलते पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है।

पुलिस को कब लगी मानव तस्करी की भनक

मध्य प्रदेश से ड्रग्स, शराब और सांप की तस्करी के बाद अब मानव तस्करी का मामला चर्चा में बना हुआ है। दरअसल, पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह के निर्देश पर डीसीपी जोन-3 अभिषेक रंजन, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ओमप्रकाश और एसीपी हीरानगर रूबीना मिजवानी के मार्गदर्शन में थाना बाणगंगा पुलिस ने इस पूरे गिरोह का खुलासा किया। मामला तब सामने आया, जब बाणगंगा थाना क्षेत्र से एक नाबालिग बालिका के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और लगातार की गई जांच के आधार पर बालिका को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया।

कैसे किया नाबालिग का सौदा

पूछताछ के दौरान पीड़िता ने जो खुलासे किए, उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। जांच में सामने आया कि गिरोह के मुख्य आरोपी संजू उर्फ संजय यादव और रामविलास उर्फ राकेश यादव ने पीड़िता की आर्थिक स्थिति का फायदा उठाया। उसे यह कहकर बहलाया गया कि अलग-अलग लोगों से शादी कराई जाएगी और हर शादी के बदले उसे 50 हजार रुपये मिलेंगे। इतना ही नहीं, मकान खरीदने और अमीर बनने के सपने भी दिखाए गए। साजिश को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने सबसे पहले पीड़िता के आधार कार्ड में कूटरचना कर उसकी जन्मतिथि बदल दी, ताकि वह दस्तावेजों में बालिग दिखाई दे। इसके बाद गिरोह के सदस्य खुद को लड़की के माता-पिता और रिश्तेदार बताकर पूरी शादी की कहानी तैयार करते थे। इसी साजिश के तहत रतलाम जिले के बड़ावदा निवासी संजु पाटीदार से नाबालिग की शादी कराई गई। पुलिस जांच के अनुसार इस शादी के बदले करीब तीन लाख रुपये का सौदा हुआ था।

मानव तस्करी गिरोह की साजिश का खुलासा

इसी दौरान पीड़िता की मां द्वारा दर्ज कराई गई गुमशुदगी और अपहरण की शिकायत पर पुलिस लगातार जांच कर रही थी, जब पुलिस ने मुख्य आरोपी संजय यादव से पूछताछ शुरू की तो आरोपी घबरा गए और पीड़िता को वापस इंदौर भेज दिया। इंदौर लौटने के बाद पीड़िता ने अपनी मां और पुलिस को पूरे मानव तस्करी गिरोह की साजिश का खुलासा किया। पुलिस ने इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता संजू उर्फ संजय यादव, रामविलास उर्फ राकेश यादव, दूल्हा संजु पाटीदार और उसके पिता नंदराम पाटीदार को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं सोनू बंजारा, किशोर चौहान, कच्छूलाल गुर्जर, लालसिंह गुर्जर और बाबू दादा सहित अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

इंदौर पुलिस ने जनता से की खास अपील

प्रारंभिक पूछताछ में यह भी संकेत मिले हैं कि गिरोह पहले भी कई नाबालिग बालिकाओं और युवतियों की फर्जी शादियां कराकर मानव तस्करी कर चुका है। पुलिस अब पुराने मामलों, फर्जी दस्तावेजों, आर्थिक लेन-देन और गिरोह के पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में और पीड़ित सामने आते हैं तो मामले में नई धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं। इंदौर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति नाबालिग बालिकाओं को शादी, नौकरी, बेहतर भविष्य या अधिक धन कमाने का लालच देकर बहला-फुसलाने की कोशिश करता है तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। समय पर दी गई जानकारी किसी मासूम को मानव तस्करी और शोषण का शिकार होने से बचा सकती है।

(इनपुट – भरत पाटिल)

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