झुंझुनूं: राजस्थान के झुंझुनूं से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। यहां युवाओं ने Scorpio कार की शव यात्रा निकाली। दरअसल युवकों का आरोप है कि कार का एयरबैग नहीं खुलने की वजह से एक युवक की मौत हो गई इसीलिए ये युवक कार की शवयात्रा निकालकर कार कंपनी के खिलाफ अपना विरोध जता रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
झुंझुनूं जिले में युवाओं का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले पांच दिनों से महिंद्रा एजेंसी के बाहर पीड़ित परिवार और बड़ी संख्या में युवा धरने पर बैठे हैं। सोमवार को आंदोलन ने नया रूप लेते हुए पूरे शहर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया, जब प्रदर्शनकारियों ने क्षतिग्रस्त स्कॉर्पियो की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली। इस दौरान शहर की सड़कों पर कार कंपनी के खिलाफ नारे गूंजते रहे और सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा तेजी से ट्रेंड करता दिखाई दिया।
यह आंदोलन 20 जुलाई को डूंडलोद बायपास पर हुए भीषण सड़क हादसे के बाद शुरू हुआ। हादसे में झुंझुनूं निवासी तरुण नायक की मौत हो गई थी। मृतक के परिजनों और दोस्तों का आरोप है कि दुर्घटना के समय स्कॉर्पियो के एयरबैग नहीं खुले, जिससे तरुण की जान चली गई। इसी मामले में न्याय और उचित मुआवजे की मांग को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
शव यात्रा में शामिल हुए सैंकड़ों वाहन
सोमवार को निकाली गई शव यात्रा में बड़ी संख्या में वाहन शामिल हुए। सभी वाहनों पर कंपनी का बॉयकॉट करने के पोस्टर और स्टिकर लगाए गए थे। हादसे में क्षतिग्रस्त स्कॉर्पियो को भी यात्रा में शामिल किया गया, जिस पर लाल रंग से “20 लाख का डिब्बा” और “मौत का सामान” जैसे संदेश लिखे गए थे। यात्रा जिस रास्ते से गुजरी, वहां लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और पूरा मामला चर्चा का विषय बन गया।
पहले क्रेन से लटकाई थी स्कॉर्पियो
इससे पहले भी प्रदर्शनकारियों ने महिंद्रा एजेंसी के सामने क्षतिग्रस्त स्कॉर्पियो को क्रेन से लटकाकर फांसी देने का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया था। उस प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और राष्ट्रीय स्तर पर भी सुर्खियां बटोरी थीं। अब शव यात्रा निकालकर आंदोलनकारियों ने एक बार फिर कंपनी और प्रशासन का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने की कोशिश की है।
नेताओं पर भी साधा निशाना
प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नेताओं पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि चुनाव के समय युवाओं की बात करने वाले नेता आज न्याय की मांग को लेकर सड़क पर बैठे युवाओं के साथ खड़े नजर नहीं आ रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि “जब वोट चाहिए होते हैं तो युवा याद आते हैं, लेकिन जब युवा न्याय मांगते हैं तो कोई साथ नहीं देता।”
न्याय की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी
आंदोलनकारी युवाओं और पीड़ित परिवार का कहना है कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदारी तय करने की कार्रवाई और उचित मुआवजा नहीं दिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, एयरबैग नहीं खुलने के आरोपों को लेकर कंपनी की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। मामले की जांच के बाद ही दुर्घटना के कारणों और तकनीकी पहलुओं पर स्पष्ट स्थिति सामने आएगी।
इससे पहले एक खबर सामने आई थी कि नई कार में बैठकर शोरूम से घर लौट रहे थे, कुछ ही किमी चली और उसने आग पकड़ ली। डॉक्टर ने मां को बाहर खींचा और इसका VIDEO भी सामने आया था। (रिपोर्ट- झुंझुनूं से अमित शर्मा)
ये भी पढ़ें-
तेज रफ्तार कार ने स्कूटी को मारी टक्कर, छिन गई एक परिवार की खुशियां; CCTV में कैद हुआ हादसा









