पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री और आसनसोल दक्षिण की विधायक अग्निमित्रा पॉल ने बुधवार को बर्नपुर के त्रिवेणी मोड़ पर आयोजित हेलमेट वितरण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने सड़क सुरक्षा से लेकर राज्य की राजनीति, केंद्र सरकार की योजनाओं, कथित भ्रष्टाचार, अवैध वसूली, मिशन अस्पताल में नाबालिगों से रक्तदान के आरोप और कानून-व्यवस्था जैसे कई मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। कार्यक्रम में महिला बाइक और स्कूटी चालकों को हेलमेट वितरित किए गए। अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक लोगों की मौत होती है। उन्होंने कहा कि हेलमेट पहनना अनिवार्य है और फुटपाथों पर अतिक्रमण के कारण भी दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं, क्योंकि लोग फुटपाथ छोड़कर सड़क पर चलने को मजबूर होते हैं।
अंफान राहत पैकेज और केंद्र सरकार की योजनाओं को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली राज्य सरकार ने केवल अंफान ही नहीं, बल्कि केंद्र की कई योजनाओं और प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार ने केंद्र पर दोष मढ़कर लोगों को गुमराह किया और अब CAG रिपोर्ट विधानसभा में आने के बाद कई तथ्यों का खुलासा होगा। लाउडस्पीकर और ध्वनि प्रदूषण पर उन्होंने कहा कि 50 डेसिबल से अधिक ध्वनि किसी भी धार्मिक स्थल, सामाजिक कार्यक्रम या अन्य आयोजन में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा ताकि बुजुर्गों, विद्यार्थियों और आम लोगों को परेशानी न हो।
होटलों में मालिक का नाम प्रदर्शित करने के मुद्दे पर उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि इस विषय पर सरकार की ओर से कोई निर्णय नहीं है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पेंशन, रॉयल्टी और बैंक खाते फ्रीज किए जाने संबंधी बयान पर अग्निमित्रा पॉल ने पलटवार करते हुए कहा कि जांच होने दीजिए, सभी तथ्यों का खुलासा होगा और आवश्यकता पड़ने पर संपत्तियों की भी जांच होगी। आसनसोल के मिशन अस्पताल में कथित रूप से नाबालिग बच्चों से पैसे देकर रक्तदान कराए जाने के आरोपों पर उन्होंने कहा कि यदि यह मामला सही पाया जाता है तो यह बेहद गंभीर और अमानवीय है। उन्होंने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
राज्य में कथित उगाही के मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल का नेता या कार्यकर्ता कानून से ऊपर नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी उगाही या धमकी की शिकायत मिलती है तो सरकार सख्त कार्रवाई करेगी और ऐसी घटनाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। टीएमसी नेता कुणाल घोष के भाजपा के विधायक और सांसदों के वापस लौटने संबंधी दावों पर उन्होंने कहा कि उनकी सरकार विकास कार्यों पर केंद्रित है और इस तरह की “पेटी पॉलिटिक्स” पर समय बर्बाद नहीं करना चाहती।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष एवं मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के आवास की कथित रेकी और संदिग्धों की गिरफ्तारी के मामले में अग्निमित्रा पॉल ने आरोप लगाया कि राज्य में घुसपैठ और फर्जी दस्तावेजों के जरिए वोट बैंक की राजनीति ने कानून-व्यवस्था को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई कर रही है और किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
(पश्चिम बंगाल से बिजू मंडल की रिपोर्ट)
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