झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की भर्ती परीक्षा में अनियमितता के खिलाफ रांची में छात्रों का प्रदर्शन 12वें दिन भी जारी है। छात्रों ने बुधवार को कैंडल मार्च निकालने का ऐलान किया है। छात्र परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहे हैं और अब विधानसभा घेराव की तैयारी भी कर रहे हैं। छात्रों की मांगों को लेकर देवेन्द्र नाथ महतो अनिश्चितकालीन अनशन कर रहे हैं। उनके साथियों की मांग है कि सीएम हेमंत सोरेन खुद आकर छात्रों से बात करें, परीक्षा को रद्द करें। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि परीक्षा में धांधली की जांच सीबीआई से करवाई जाए। इस बीच बुधवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राज्यपाल से मिले हैं।
क्यों हुई CM और राज्यपाल की मुलाकात?
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों के प्रदर्शन के बीच बुधवार को लोक भवन में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात की है। सीएम सोरेन ने राज्यपाल को झारखण्ड लोक सेवा आयोग (JPSC) एवं झारखण्ड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की नियुक्ति प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं तथा इसके विरोध में रांची में चल रहे छात्र आंदोलन के संबंध में अवगत कराया।
राज्यपाल और CM ने मामले पर क्या कहा?
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने छात्रहित को सर्वोपरि बताते हुए परीक्षा प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं युवाओं के विश्वास को बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया तथा कथित अनियमितताओं को अत्यंत गंभीर विषय बताया। उन्होंने कहा कि आयोग इस प्रकार कार्य करें कि उनकी पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता पर किसी भी प्रकार का प्रश्नचिह्न न लगे। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार छात्रों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि युवाओं के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा तथा इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सरकार के दरवाजे सबके लिए खुले- हेमंत सोरेन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा- “पेपर लीक का मुद्दा राष्ट्रव्यापी मुद्दा बन गया है। पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट और अनुसंधान की स्थिति की जानकारी लेने की आवश्यकता है। वैसे झारखंड के मामले में कई लोग जेल जा चुके हैं। एजेंसियों के द्वारा दबिश दी जा रही है, एजेंसी मजबूती से जांच में जुटी हुई है। पूरे मामले में कंक्रीट सॉल्यूशन के साथ हम आगे बढ़ेंगे। सरकार के दरवाजे सबके लिए खुले हुए हैं। सरकार इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है और जल्द ही ठोस समाधान की दिशा में आगे बढ़ेगी।”
मैं सीना चीर कर नहीं दिखा सकता- हेमंत सोरेन
आपको बता दें कि इससे पहले मंगलवार को हेमंत सोरेन ने छात्रों के प्रदर्शन को लेकर बयान जारी किया था। उन्होंने कहा- “मैंने पहले भी कहा है कि सरकार की आंखें और कान हैं, वह इस मुद्दे को लेकर संवेदनशील है। हम कितनी गंभीरता के साथ चीजों को देख रहे हैं ये मैं सीना चीर कर नहीं दिखा सकता। हम जिसके पीछे पड़ते हैं उस काम को पूरा करते हैं। जिस तरह से जांच टीम दिन-रात काम कर रही है, हम उसके जवाब और नतीजे का इंतजार कर रहे हैं। बहुत जल्द हम छात्रों और राज्य की जनता को इस बारे में जानकारी देंगे। छात्रों की सभी जरूरतें पूरी की जाएंगी और संवैधानिक दायरों के तहत उन्हें न्याय मिलेगा।” (रिपोर्ट: मुकेश सिन्हा)
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