झारखंड के रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने 5 लोगों का डेलिगेशन तैयार कर लिया है। यह डेलिगेशन सरकार के प्रतिनिधियों के सामने अपनी बातें रखेगा। हालांकि, डेलिगेशन में शामिल लोगों के नामों का खुलासा नहीं किया गया है। छात्र पहले ही साफ कर चुके हैं कि वह राज्य सरकार से बातचीत करने को तैयार हैं। छात्रों ने यह भी कहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ कोई भी बातचीत मीडिया की मौजूदगी में होनी चाहिए, बंद दरवाजों के पीछे नहीं।
सरकार की तरफ से अभी जगह और समय नहीं बताया गया है। सरकार के जवाब के बाद दोपहर तक मीटिंग हो सकती है। सरकार की तरफ से कमेटी में उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, समाज कल्याण मंत्री चमरा लिंडा, श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव शामिल हो सकते हैं। दोपहर तक मीटिंग की जगह और समय फाइनल होने के बाद मीटिंग हो सकती है।
प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ प्रदर्शन
रांची में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ प्रदर्शन हो रहा है। वहीं, हेंत सरकार ने आंदोलन कर रहे स्टूडेंट्स से बातचीत करने की अपनी तैयारी जताई है। एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि बुधवार रात हुई मीटिंग में यह तय हुआ था कि डेलीगेशन के सदस्य सरकार से मिलेंगे, लेकिन बातचीत का समय अभी तय नहीं हुआ है। प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया, “हमारी एक और मांग भी थी। अगर मुख्यमंत्री खुले मंच पर लाइव मीडिया के सामने हमसे बात करने आएं, तो सही हल निकल सकता है। हमारे पिछले प्रदर्शन में, हमारे प्रतिनिधियों को एक बंद कमरे में ले जाया गया था, और उससे कुछ नहीं निकला। वे सिर्फ हमारे आंदोलन को रोकने और दबाने के लिए पांच सदस्यों की टीम बुला रहे हैं।” एक और प्रोटेस्टर ने कहा कि स्टूडेंट्स चार या पांच लोगों का डेलीगेशन भेजने पर सहमत हो गए थे, लेकिन उन्होंने बंद कमरे में किसी भी बातचीत का विरोध किया।
छात्रों की बातें सुनें सीएम
एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “चीफ मिनिस्टर को प्रेस और मीडिया के सामने स्टूडेंट्स की मांगें सुननी चाहिए, और जो भी वादे वे पूरे करना चाहते हैं, उन्हें सबके सामने कहना चाहिए। झारखंड में पिछले 26 सालों से स्टूडेंट्स की बातें बंद कमरों में सुनी जा रही हैं, और फाइलें हमेशा के लिए बंद रहीं।” स्टूडेंट लीडर रवींद्र पासवान ने कहा कि सब-डिविजनल ऑफिसर के जरिए सरकार से मैसेज मिलने के बाद स्टूडेंट्स ने पॉजिटिव रिस्पॉन्स दिया है। पासवान ने कहा, “सरकार ने बातचीत करने की इच्छा जताई है, और हमने भी अपनी इच्छा बता दी है। एक डेमोक्रेटिक देश में बातचीत जरूरी है, क्योंकि यही किसी हल तक पहुंचने का एकमात्र तरीका है।” परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर अब तक 19 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।
सरकार के सामने छात्रों की दो शर्तें
स्टूडेंट्स ने सरकार के सामने दो खास शर्तें रखी थीं। उन्होंने कहा, “हमारी पहली शर्त यह है कि बातचीत सीधे मुख्यमंत्री से हो, और हमें भरोसा दिलाया गया है कि मुख्यमंत्री मौजूद रहेंगे। दूसरी बात, हम चाहते हैं कि बातचीत के दौरान कम से कम दो मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहें। एसडीओ ने हमसे सुबह 10 बजे से पहले अपने डेलीगेशन के सदस्यों के नाम देने को कहा है, जिसके बाद मीटिंग की तारीख और समय बताया जाएगा।” इस बीच, झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि सरकार ने बातचीत का रास्ता खोल दिया है और वह छात्रों की मांगों पर विचार करेगी। झारखंड के फाइनेंस मिनिस्टर राधाकृष्ण किशोर ने साफ किया कि कोई फॉर्मल बातचीत कमेटी नहीं बनाई गई है। किशोर ने कहा, “दीपिका पांडे सिंह, सुदिव्य कुमार सोनू, संजय प्रसाद यादव और चमरा लिंडा समेत मंत्रियों का एक ग्रुप सिर्फ आंदोलन पर नजर रखने के लिए बनाया गया है। उन्हें असल में बातचीत करने का काम नहीं दिया गया है। सरकार और मुख्यमंत्री स्टूडेंट्स की चिंताओं को लेकर सेंसिटिव हैं और उनके फायदे में काम करेंगे। अब यह स्टूडेंट्स पर है कि वे सरकार के साथ कब और कैसे बातचीत करना चाहते हैं।” (एएनआई इनपुट के साथ)
यह भी पढ़ें-
सोनम वांगचुक से बातचीत के बाद देवेंद्र नाथ महतो ने पिया पानी, बोले- अनशन जारी रहेगा









